फिर सड़क पर उतरे किसान, CM भगवंत मान का फूंका पुतला.. फसल बीमा को लेकर की बड़ी मांग
भारतीय किसान एकता मंच (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि किसानों से बीमा प्रीमियम दोबारा लेकर उन्हें क्लेम दिया जाए. उन्होंने बताया कि जिन किसानों के पास केसीसी है, उनके खातों से बैंक खरीफ और रबी सीजन का प्रीमियम बिना अनुमति के काट लेते हैं. उन्होंने मांग की कि किसान की इच्छा के बिना उसके खाते से बीमा राशि न काटी जाए.
Farmers Protest: गेहूं की खरीदी शुरू होने से पहले ही किसानों ने सरकार के खिलाफ एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया है. संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) गैर राजनीतिक के आह्वान पर नाराज किसानों ने सिरसा उपायुक्त कार्यालय के बाहर मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका. नाराज किसानों का कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पंजाब में किसानों पर अत्याचार कर रही है. किसानों का कहना है कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों को भगवंत मान की सरकार ने केंद्र के इशारे पर पिछले साल 19 मार्च को बर्बर तरीके से हटाया. इस दौरान पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी, जिससे कई किसान चोटिल हो गएं. इस दौरान किसानों से ट्रैक्टर- ट्रालियां सहित सभी सामान जब्त कर लिए गए.
दरअसल, भारतीय किसान एकता मंच (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख की अध्यक्षता में किसानों ने एसकेएम गैर राजनीतिक के आह्वान पर उपायुक्त कार्यालय सिरसा में मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका. इस मौके पर औलख ने कहा कि पिछले साल 19 मार्च को शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन पर बैठे किसानों को हटाने के दौरान बल का प्रयोग किया गया. उन्होंने कहा कि तब किसानों को मौके पर हटाने के लिए ट्रैक्टर- ट्रालियां सहित जो सामान जब्त किए गए थे आज तक किसानों को वापस नहीं दिए गए. इसलिए आज पंजाब और हरियाणा में भगवंत मान सरकार के खिलाफ विरोध- दर्शन करते हुए पुतले फूंके गए.
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया
लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि बीकेई द्वारा उपायुक्त को किसानों-मजदूरों की मांगों का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों द्वारा किसानों के साथ बार-बार हो रही गड़बड़ियों को ठीक करने और मंडियों में फसल बेचने वाले किसानों की बायोमेट्रिक और ट्रैक्टर की फोटो के फरमान को वापस लेने की मांग रखी गई. औलख ने कहा कि हरियाणा में अधिकारियों- कर्मचारियों और व्यापारियों ने पंजीकरण में गड़बड़ियां करके धान घोटाला किया और बाजरा भावांतर योजना में किसानों की लूट की.
लखविंदर सिंह औलख ने लगाया गंभीर आरोप
लखविंदर सिंह औलख ने आरोप लगाया कि सीसीआई द्वारा नरमा खरीद में घोटाला हुआ, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई करने और किसानों को मुआवजा देने की बजाय सरकार बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू कर किसानों पर ही बोझ डाल रही है. उन्होंने कहा कि फसल नुकसान के सही आकलन के लिए क्रॉप कटिंग में पूरे गांव की जगह किसान को इकाई माना जाए, ताकि बीमा क्लेम का लाभ सही तरीके से मिल सके. उन्होंने कहा कि खरीफ -2025 में भारी बरसात, जलभराव व बाढ़ से सिरसा जिले में बहुत भारी नुक्सान हुआ था. हरियाणा सरकार ने जो मुआवजा और बीमा क्लेम जारी किया है, उसमें बहुत सारी अनियमिताएं हैं. ऐसे में सभी किसानों के खातों में मुआवजा की राशि नहीं पहुंची.
कई किसानों का बीमा प्रीमियम पूरे रकबे का काट लिया
उन्होंने कहा कि कई गांवों का भारी नुकसान हुआ था जिन्हें ना तो मुआवजा मिला है और ना ही बीमा क्लेम. हमारी सरकार से अपील है कि खरीफ 2025 में बीमा और मुआवजे से वंचित सभी किसानों की खराब हुई फसलों की भरपाई करवाई जाए और क्रॉप कटिंग में हुई गड़बड़ियों को दूर किया जाए. एक्स्ट्रा पॉल्यूशन में गये 18 गांवों का बकाया बीमा क्लेम भी जल्द जारी किया जाए. उन्होंने कहा कि कई किसानों का बीमा प्रीमियम तो पूरे रकबे का काट लिया गया था, लेकिन बीमा क्लेम 1-2 एकड़ जमीन का जारी किया गया है. खरीफ 2023, 2024 तथा 2025 में सिरसा जिले के कई किसानों का बीमा जारी करने की बजाय बीमा कंपनी ने प्रीमियम कई महीनों बाद वापिस कर दिया और कई किसानों को ना तो बीमा क्लेम मिला है और ना ही बीमा प्रीमियम वापस आया है.
खाते से बीमा राशि न काटी जाए
लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि किसानों से बीमा प्रीमियम दोबारा लेकर उन्हें क्लेम दिया जाए. उन्होंने बताया कि जिन किसानों के पास केसीसी है, उनके खातों से बैंक खरीफ और रबी सीजन का प्रीमियम बिना अनुमति के काट लेते हैं. उन्होंने मांग की कि किसान की इच्छा के बिना उसके खाते से बीमा राशि न काटी जाए.