UP सरकार का बड़ा तोहफा, गेहूं के MSP में 160 रुपये क्विंटल बढ़ोतरी को दी मंजूरी.. 30 मार्च से शुरू होगी खरीदी

उत्तर प्रदेश में गेहूं की खरीदी से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने MSP में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की मंजूरी दी है. किसानों को छटाई, उतराई और सफाई के लिए अतिरिक्त 20 रुपये क्विंटल भी मिलेंगे, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और खरीदी प्रोत्साहित होगी.

नोएडा | Updated On: 23 Mar, 2026 | 04:49 PM

UP Wheat Procurement: उत्तर प्रदेश में गेहूं की खरीदी शुरू होने से पहले राज्य सरकार ने किसानों को बहुत बड़ा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सोमवार को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है. इसके अलावा गेहूं खरीदी के समय किसानों को छंटाई, उतराई और सफाई के लिए खरीद एजेंसियों के जरिए अतिरिक्त 20 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से गेहूं किसानों को फायदा होगा. वे अधिक संख्या उपज बेचने के लिए क्रय केंद्र पर पहुंचेंगे. ऐसे इस बार यूपी में गेहूं का एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है.

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि गेहूं की खरीदारी रामनवमी के बाद, 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक होगी. राज्य में आठ क्रय एजेंसियां और 6,500 क्रय केंद्र सभी 75 जिलों में काम करेंगे. इस प्रक्रिया में FCI, खाद्य एवं विपणन विभाग, यूपी मंडी परिषद, यूपी पीसीएफ, पीसीओयू, यूपी एसएस, नैफेड और NCCF शामिल होंगे.

उत्पादक संगठन और कंपनियां भी गेहूं खरीद सकती हैं

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कृषि उत्पादक संगठन और कंपनियां भी गेहूं खरीद सकती हैं, लेकिन उनके बैंक खाते में कम से कम 20 लाख रुपये होने चाहिए और उनका एक साल पहले से पंजीकरण होना जरूरी है. इसके अलावा किसानों को छंटाई, सफाई और उतराई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मिलेगा, जिसका भुगतान मंडी परिषद करेगी.

विषय विवरण
खरीदारी की तारीख 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक
क्रय एजेंसियां 8 एजेंसियां
क्रय केंद्र 6,500 केंद्र, सभी 75 जिलों में
शामिल संस्थाएं बैंक खाते में न्यूनतम 20 लाख रुपये, 1 वर्ष से पंजीकरण
कृषि उत्पादक संगठन/कंपनियों की शर्तें बैंक खाते में न्यूनतम 20 लाख रुपये, 1 वर्ष से पंजीकरण
अतिरिक्त भुगतान किसानों को छंटाई, सफाई और उतराई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल, मंडी परिषद द्वारा भुगतान
एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मीडिया को बताया कि इस साल गेहूं खरीद पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे मंडी परिषद वहन करेगी. सरकार का प्रयास है कि अधिकतम किसानों की फसल खरीदी जाए और उन्हें कोई नुकसान न हो. इस वर्ष अच्छी फसल हुई और कृषि विभाग ने बेहतर बीज उपलब्ध कराए थे. विभाग ने 30 लाख टन खरीद का प्रस्ताव रखा था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ाकर 50 लाख टन करने का लक्ष्य दिया है.

कब से शुरू होगी खरीदी

आगरा में शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

बात अगर आगरा जिले की करें तो इस बार 47 खरीद केंद्रों में विपणन शाखा के 12, पीसीएफ के 34 और FCI का 1 केंद्र शामिल है. सभी केंद्रों की जिम्मेदारी तय हो चुकी है और व्यवस्थाएं लगभग पूरी हो गई हैं. प्रशासन का दावा है कि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से चलेगी. वहीं, जिले में गेहूं बेचने वाले किसानों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. किसान विभाग की वेबसाइट या किसान मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं. पंजीकरण के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जरूरी है. राजस्व विभाग ऑनलाइन सत्यापन करेगा, उसके बाद ही किसान अपनी उपज बेच सकेंगे.

 

 

Published: 23 Mar, 2026 | 04:12 PM

Topics: