यूपी की इस योजना से खेत में बनेगा तालाब, सरकार दे रही 50 फीसदी तक सब्सिडी… किसानों की आय होगी डबल

UP Khet Talab Yojana: खेत तालाब योजना के तहत किसानों को अपने खेत में तालाब बनाने के लिए सरकार की ओर से 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जाती है, जिससे वे कम लागत में जल संग्रहण की सुविधा तैयार कर सकें. इस योजना के जरिए बारिश के पानी को सुरक्षित रखा जाता है, जो जरूरत के समय सिंचाई के काम आता है और फसलों को सूखे से बचाता है. इसके साथ ही, किसान तालाब में मछली पालन जैसे अतिरिक्त व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं.

नई दिल्ली | Updated On: 4 Apr, 2026 | 12:32 PM

UP Government Schemes: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को मजबूत करने के लिए ‘खेत तालाब योजना’ लेकर आई है. यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, जो सीमित संसाधनों में अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाना चाहते हैं. बदलते मौसम और पानी की कमी के दौर में यह पहल किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है.

क्या है खेत तालाब योजना?

खेत तालाब योजना के तहत किसानों को अपने खेत में तालाब बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि वे बारिश के पानी को आसानी से संग्रहित कर सकें और उसका उपयोग जरूरत के समय सिंचाई के लिए कर सकें. इस योजना का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और किसानों को सिंचाई का एक स्थायी एवं भरोसेमंद स्रोत उपलब्ध कराना है. तालाब बनने से बारिश का पानी व्यर्थ बहने के बजाय खेत में ही संरक्षित हो जाता है, जिससे भूजल स्तर को भी बनाए रखने में मदद मिलती है. इसके साथ ही, किसानों को बार-बार महंगे सिंचाई साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, जिससे खेती की लागत कम होती है और उत्पादन में भी सुधार देखने को मिलता है.

कितनी मिलती है सब्सिडी?

इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को तालाब निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 1,05,000 रुपये रखी गई है. इसमें सरकार किसानों को 50 फीसदी तक की सब्सिडी देती है. सबसे खास बात यह है कि यह सब्सिडी सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है.

तालाब से कमाई के नए अवसर

खेत तालाब सिर्फ पानी जमा करने का साधन नहीं है, बल्कि यह किसानों के लिए आय के नए रास्ते भी खोलता है. किसान तालाब में मछली पालन कर सकते हैं, जिससे अतिरिक्त आमदनी होती है. इसके अलावा सिंघाड़ा, मखाना और मोती की खेती जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं, जो कम लागत में अच्छा मुनाफा देते हैं.

तालाब बनने से खेतों में सालभर पानी उपलब्ध रहता है, जिससे फसलों की पैदावार में सुधार होता है. सूखे या कम बारिश की स्थिति में भी किसान अपनी फसल को बचा सकते हैं. यह योजना जल संरक्षण के साथ-साथ खेती को अधिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाती है.

खेत तालाब योजना में आवेदन कैसे करें?

खेत तालाब योजना का लाभ लेने के लिए किसान नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

जरूरी दस्तावेज

खेत तालाब योजना के लिए आवेदन करते समय किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होते हैं, जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात, पासपोर्ट साइज फोटो और एक सक्रिय मोबाइल नंबर. आवेदन जमा करने के बाद संबंधित अधिकारी आपके खेत का निरीक्षण करते हैं और सभी जानकारी का सत्यापन किया जाता है. यदि किसान चयनित हो जाता है, तो तालाब निर्माण के लिए दी जाने वाली सब्सिडी सीधे उसके बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनी रहती है.

Published: 4 Apr, 2026 | 11:37 AM

Topics: