USDA Report: भारत का गेहूं उत्पादन अनुमान 12.10 करोड़ टन, चावल पैदावार मजबूत रहने की उम्मीद
USDA की नई रिपोर्ट में वैश्विक अनाज उत्पादन अनुमान में बदलाव किया गया है. गेहूं, चावल और मोटे अनाज का अनुमान घटा है, जबकि तिलहन और कपास उत्पादन बढ़ने की संभावना है. भारत के लिए रिपोर्ट सकारात्मक रही है. देश का गेहूं, चावल और मक्का उत्पादन मजबूत स्थिति में रहने का अनुमान जताया गया है.
Global Grain Production: वैश्विक कृषि उत्पादन को लेकर अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की नई रिपोर्ट ने दुनिया के अनाज बाजार की तस्वीर साफ कर दी है. वर्ष 2026-27 के लिए जारी जुलाई रिपोर्ट में USDA ने गेहूं, चावल और मोटे अनाज के उत्पादन अनुमान में मामूली कटौती की है, जबकि तिलहन और कपास उत्पादन के अनुमान को बढ़ाया गया है. वहीं भारत के लिए रिपोर्ट सकारात्मक संकेत दे रही है. देश का गेहूं उत्पादन 12.10 करोड़ टन, चावल उत्पादन 15 करोड़ टन और मक्का उत्पादन 5.20 करोड़ टन रहने का अनुमान बरकरार रखा गया है.
वैश्विक गेहूं उत्पादन अनुमान में मामूली गिरावट
USDA के अनुसार, 2026-27 में दुनिया का गेहूं उत्पादन 82 करोड़ टन रहने का अनुमान है. इससे पहले जून में इसका अनुमान 82.01 करोड़ टन था. यानी उत्पादन में मामूली कमी दर्ज की गई है. पिछले साल की रिकॉर्ड फसल की तुलना में वैश्विक गेहूं उत्पादन करीब 2.40 करोड़ टन कम रहने की संभावना जताई गई है. भारत का गेहूं उत्पादन इस बार रिकॉर्ड 12.10 करोड़ टन रहने का अनुमान है. यह पिछले साल के 11.80 करोड़ टन उत्पादन से अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गेहूं का रकबा 3.35 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि औसत उत्पादकता 3.61 टन प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है. दुनिया में चीन 14.10 करोड़ टन गेहूं उत्पादन के साथ सबसे आगे रहेगा. इसके बाद यूरोपीय संघ 13.60 करोड़ टन, रूस 8.85 करोड़ टन, कनाडा 3.40 करोड़ टन और ऑस्ट्रेलिया 2.80 करोड़ टन उत्पादन कर सकते हैं.
चावल उत्पादन में भारत की बादशाहत कायम
USDA रिपोर्ट के मुताबिक भारत का चावल उत्पादन 15 करोड़ टन रहने का अनुमान है. यह जून के अनुमान और पिछले साल के उत्पादन के बराबर है. वैश्विक स्तर पर चावल उत्पादन का अनुमान घटाकर 53.72 करोड़ टन कर दिया गया है, जबकि जून में यह अनुमान 53.78 करोड़ टन था. भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बना रहेगा. चीन का चावल उत्पादन 14.70 करोड़ टन रहने का अनुमान है. इसके अलावा बांग्लादेश, इंडोनेशिया, वियतनाम, थाईलैंड और पाकिस्तान भी प्रमुख चावल उत्पादक देशों में शामिल रहेंगे.
मक्का और मोटे अनाज में दिखा उत्पादन दबाव
भारत का मक्का उत्पादन 5.20 करोड़ टन पर स्थिर रखा गया है. हालांकि पिछले साल के रिकॉर्ड 5.51 करोड़ टन उत्पादन की तुलना में यह कम है. भारत में मक्का का रकबा 1.44 करोड़ हेक्टेयर और औसत उत्पादकता 3.61 टन प्रति हेक्टेयर रहने की संभावना है. वैश्विक मक्का उत्पादन का अनुमान घटाकर 129.71 करोड़ टन किया गया है. यूरोप में सूखे और गर्मी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है. अमेरिका 40.64 करोड़ टन मक्का उत्पादन के साथ सबसे बड़ा उत्पादक रहेगा. भारत का मोटा अनाज उत्पादन 7.13 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 7.46 करोड़ टन से कम है. वहीं ज्वार उत्पादन 54 लाख टन पर स्थिर रहने की संभावना है.
तिलहन और कपास उत्पादन में बढ़ोतरी का अनुमान
USDA ने वैश्विक तिलहन उत्पादन का अनुमान बढ़ाकर रिकॉर्ड 72 करोड़ टन कर दिया है. भारत का तिलहन उत्पादन 4.30 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 4.18 करोड़ टन से अधिक है. कपास उत्पादन को लेकर भी सकारात्मक अनुमान जारी किया गया है. भारत का कपास उत्पादन 2.40 करोड़ गांठ रहने की संभावना है, जबकि पिछले साल यह 2.38 करोड़ गांठ था. वैश्विक कपास उत्पादन बढ़कर 11.73 करोड़ गांठ रहने का अनुमान है.
USDA रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े
| फसल | भारत का अनुमानित उत्पादन (2026-27) |
|---|---|
| गेहूं | 12.10 करोड़ टन |
| चावल | 15 करोड़ टन |
| मक्का | 5.20 करोड़ टन |
| मोटा अनाज | 7.13 करोड़ टन |
| ज्वार | 54 लाख टन |
| तिलहन | 4.30 करोड़ टन |
| कपास | 2.40 करोड़ गांठ |
USDA की रिपोर्ट से साफ है कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद भारत का कृषि उत्पादन मजबूत स्थिति में बना हुआ है. जहां दुनिया के कई हिस्सों में अनाज उत्पादन पर दबाव दिखाई दे रहा है, वहीं भारत गेहूं और चावल उत्पादन में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने में सफल होता नजर आ रहा है.