गन्ना किसानों के लिए वरदान बनी योगी सरकार, 3.22 लाख करोड़ रुपये के भुगतान से बना नया रिकॉर्ड

sugarcane payment: योगी सरकार के कार्यकाल में गन्ना किसानों को लगातार भुगतान किया गया. पिछले 9 वर्षों में सरकार ने 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर नया रिकॉर्ड बनाया है. पेराई सत्र 2025-26 की बात करें तो अब तक करीब 30,831.81 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है.

नई दिल्ली | Published: 28 May, 2026 | 01:23 PM

Yogi government sugarcane payment: उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए पिछले कुछ साल काफी राहत भरे साबित हुए हैं. योगी आदित्यनाथ सरकार ने गन्ना किसानों को समय पर भुगतान देने और उनकी आय बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. यही वजह है कि प्रदेश में गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले मजबूत होती दिखाई दे रही है. सरकार ने वर्ष 2017 से अब तक किसानों को 3,22,722 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया है. इसे देश में अब तक का सबसे बड़ा भुगतान माना जा रहा है.

प्रदेश सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश इस समय देश में सबसे ज्यादा गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बन चुका है. इतना ही नहीं, गन्ना उत्पादन और चीनी उत्पादन के मामले में भी राज्य लगातार शीर्ष पर बना हुआ है.

किसानों के खातों में सीधे पहुंच रहा पैसा

पहले गन्ना किसानों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. कई बार बिचौलियों और कागजी प्रक्रियाओं के कारण किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती थी. लेकिन अब सरकार ने पूरी व्यवस्था को डिजिटल बना दिया है.

‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के जरिए गन्ने से जुड़ी लगभग सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं. गन्ना पर्ची अब किसानों के मोबाइल पर सीधे पहुंचती है और भुगतान डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजा जा रहा है. इससे किसानों को पारदर्शी और समय पर भुगतान मिल रहा है.

9 साल में बना रिकॉर्ड

योगी सरकार के कार्यकाल में गन्ना किसानों को लगातार भुगतान किया गया. पिछले 9 वर्षों में सरकार ने 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर नया रिकॉर्ड बनाया है. पेराई सत्र 2025-26 की बात करें तो अब तक करीब 30,831.81 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है. सरकार का कहना है कि लगभग 90 प्रतिशत किसानों को भुगतान मिल चुका है, जबकि बाकी भुगतान भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.

गन्ना मूल्य में भी हुई बड़ी बढ़ोतरी

योगी सरकार ने इस बार गन्ने के दामों में भी बड़ी बढ़ोतरी की है. पेराई सत्र 2025-26 में सरकार ने गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की ऐतिहासिक वृद्धि की. नई दरों के अनुसार अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति कुंतल और सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है. सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा मिलेगा. योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है जब गन्ने के दाम बढ़ाए गए हैं.

चीनी उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश आगे

उत्तर प्रदेश केवल गन्ना उत्पादन में ही नहीं, बल्कि चीनी उत्पादन और चीनी रिकवरी के मामले में भी दूसरे राज्यों से आगे निकलता दिखाई दे रहा है. राज्य में इस समय कुल 121 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं. इनमें सरकारी, सहकारी और निजी क्षेत्र की मिलें शामिल हैं. इन मिलों ने पेराई सत्र 2025-26 में करीब 877.96 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया.

सबसे खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश की औसत चीनी रिकवरी 10.21 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों से भी ज्यादा है. महाराष्ट्र की रिकवरी 9.49 प्रतिशत और कर्नाटक की 8.19 प्रतिशत रही.

48 लाख किसान परिवारों को मिला फायदा

प्रदेश में करीब 48 लाख गन्ना किसान परिवार सीधे इस उद्योग से जुड़े हुए हैं. समय पर भुगतान और बेहतर दाम मिलने से इन परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है. ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ाने और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी गन्ना उद्योग अहम भूमिका निभा रहा है. सरकार का कहना है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य में गन्ना विकास विभाग का बड़ा योगदान रहेगा.

किसानों के लिए उम्मीद की नई तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह समय पर भुगतान, बेहतर कीमत और तकनीक आधारित व्यवस्था जारी रही, तो उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की आय में और सुधार देखने को मिलेगा.

सरकार की योजनाओं का असर अब गांवों में साफ दिखाई देने लगा है. किसान अब पहले के मुकाबले ज्यादा भरोसे के साथ खेती कर रहे हैं और गन्ना उत्पादन को लाभदायक फसल मान रहे हैं. kk

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