5 नए फ्रूट वाइन प्लांट को मंजूरी, अब फलों की बर्बादी रुकेगी और किसानों की कमाई बढ़ेगी

उत्तर प्रदेश सरकार ने फल उत्पादकों को बेहतर बाजार दिलाने के लिए नए फ्रूट वाइन प्लांट को मंजूरी दी है. इस पहल से फलों की बर्बादी कम होगी और किसानों को अपनी उपज बेचने का नया अवसर मिलेगा. सरकार का लक्ष्य फल प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाना है.

नोएडा | Updated On: 30 Jun, 2026 | 07:54 PM

Fruit Wine Plant: उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, सहारनपुर के फल उत्पादकों और बागवानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. प्रदेश में फल आधारित उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सहारनपुर में नए फ्रूट वाइन प्लांट की स्थापना को मंजूरी दी गई है. इस प्लांट में मुख्य रूप से आम, अमरूद और जामुन जैसे स्थानीय फलों का उपयोग कर मेड इन यूपी फ्रूट वाइन तैयार की जाएगी. सरकार का उद्देश्य किसानों की उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और फल प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत बनाना है. इससे जिले में कृषि आधारित उद्योगों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.

बर्बाद होने वाले फलों का होगा बेहतर उपयोग

उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि हर साल बड़ी मात्रा में ऐसे फल बच जाते हैं, जो समय पर नहीं बिक पाते या खराब होने लगते हैं. नए फ्रूट वाइन प्लांट के शुरू होने से ऐसे फलों का बेहतर  उपयोग किया जा सकेगा. इससे फलों की बर्बादी कम होगी और किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी. सरकार का मानना है कि फल प्रसंस्करण से कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन होगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

नई आबकारी नीति में कई बड़ी रियायतें

प्रदेश सरकार के अनुसार, नई आबकारी नीति के तहत फ्रूट वाइन उद्योग को बढ़ावा  देने के लिए कई विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं. नई फ्रूट वाइन यूनिट को पांच वर्षों तक उत्पाद शुल्क में छूट मिलेगी. इसके अलावा भूमि की रजिस्ट्री और बिजली बिल में भी रियायत का प्रावधान किया गया है. सरकार ने प्रदेश में पांच नए फ्रूट वाइन प्लांटों को मंजूरी दी है. इनमें सहारनपुर के अलावा कुशीनगर, अमरोहा, प्रयागराज और लखनऊ शामिल हैं. इनमें कुछ परियोजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर और कुछ निजी निवेश के माध्यम से स्थापित की जाएंगी.

किसानों को मिलेगा स्थानीय बाजार और बेहतर दाम

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ फल उत्पादकों  को मिलेगा. अब किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. स्थानीय स्तर पर ही फलों की खरीद होने से परिवहन लागत कम होगी और समय पर बिक्री का अवसर मिलेगा. इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने के साथ उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि फ्रूट वाइन प्लांट केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. आने वाले समय में इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और सहारनपुर फल प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकेगा.

Published: 30 Jun, 2026 | 10:18 PM

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