गेहूं, सरसों के लिए नुकसानदेह पर आम-लीची के लिए संजीवनी बनी बारिश, फलों के आकार और रंग होंगे बेहतर

उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश से रबी फसलों को नुकसान हुआ, लेकिन आम और लीची के लिए यह फायदेमंद रही. उद्यान विभाग (झांसी) के डिप्टी डायरेक्टर विनय कुमार यादव के अनुसार इससे फलों की गुणवत्ता, आकार और उत्पादन बेहतर होगा.

वेंकटेश कुमार
नोएडा | Updated On: 23 Mar, 2026 | 02:36 PM

Weather Update: उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में पिछले हफ्ते से रूक- रूक कर हो रही बारिश के चलते रबी फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. बारिश के साथ हवा चलने के चलते गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है. लेकिन ये बारिश बागवानी फसलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. उद्यान विभाग (झांसी) के डिप्टी डायरेक्टर विनय कुमार यादव ने किसान इंडिया से कहा कि बागवानी करने वाले किसानों को मौसम को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है. मार्च महीने में बढ़ते तापमान के बीच ये हल्की बारिश आम और लीची जैसी बागवानी फसलों के लिए संजीवनी की तरह है. उनके मुताबिक, इस बारिश से आम और लीची के फल तेजी से विकास करेंगे. उनका आकार और वजन कम समय में बढ़ जाएगा.

विनय कुमार यादव ने बताया कि अगर फलों के लिए तेज आंधी नुकसानदेह  होती है. इससे फल झड़ जाते हैं. लेकिन मौजूदा बारिश, आम और लीची की फसल के लिए सिंचाई का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे तो किसान ट्यूबवेल से भी बाग में सिंचाई करते हैं, लेकिन बारिश के पानी की बात ही अलग है. उन्होंन कहा कि इस बारिश से आम और लीची की पत्तियों पर जमी धूल और गंदगी हट जाएगी. इससे पौधों को प्रकाश संश्लेषण की क्रिया तेजी से होगी. इससे बाग में हरियाली आएगी और फलों का साइज भी तेजी से बढ़ेगा.

बारिश से फलों का आकार, मिठास और रंग बेहतर होता है

विनय कुमार यादव ने बताया कि बारिश फलों को जरूरी नमी  देती है, जिससे वे सूखते नहीं हैं. यह सूखे मंजर को भी फिर से जीवित करने में मदद करती है और तेज गर्मी के बाद तापमान को कम करके फसल को नुकसान से बचाती है. उन्होंने कहा कि केवल मार्च ही नहीं, बल्कि मई-जून की भी हल्की बारिश आम और लीची की फसलों के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इससे फलों के आकार, मिठास और रंग बेहतर होते हैं.

टिकोले और लीची के छोटे दाने मजबूत हो रहे हैं

उन्होंने किसान इंडिया से कहा कि हल्की बारिश से आम और लीची के शुरुआती फलों (टिकोलों) को पर्याप्त नमी मिलती है, जिससे उनका आकार बढ़ता है. इससे फलों की गुणवत्ता और स्वाद भी बेहतर हो जाता है. बारिश के कारण बागों का तापमान करीब 4-5 डिग्री तक कम हो जाता है, जिससे फल फटने या गिरने से बचते हैं. साथ ही, बाग में आम के चेपा कीड़े और लीची बग जैसे कीटों का असर भी कम हो जाता है. वहीं, बिहार के दरभंगा के किसानों का कहना है कि हाल ही में हुई हल्की बारिश आम और लीची की फसलों के लिए फायदेमंद साबित हुई, जिससे फल मजबूत हुए और छोटे दानों के झड़ने की समस्या कम हो गई. इससे आम और लीची उगाने वाले किसानों में खुशी देखी गई. किसानों के मुताबिक, बारिश से आम के टिकोले और लीची के छोटे दाने मजबूत हो रहे हैं.

गेहूं और सरसों को नुकसा की संभावना

उद्यान विभाग (झांसी) के डिप्टी डायरेक्टर विनय कुमार यादव कहा कि बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है. गेहूं के दाने सिकुड़ सकते हैं. साथ ही उनकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा. जबकि, कटी हुई सरसों में फंगस लगने का खतरा बढ़ जाएगा. इससे तेल उत्पादन पर असर पड़ेगा.

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Published: 23 Mar, 2026 | 02:10 PM
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