पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति में बड़ा बदलाव किया है. नए नियमों के तहत जिन घरों में पहले से PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन है, उन्हें अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेगा. तेल और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ऐलान किया है कि अब PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन वाले लोग घरेलू LPG सिलेंडर नहीं रख सकेंगे, नया कनेक्शन नहीं ले सकेंगे और सिलेंडर रिफिल भी नहीं करा सकेंगे.
सरकारी तेल कंपनियों और उनके वितरकों को भी ऐसे ग्राहकों को नया LPG कनेक्शन जारी करने या रिफिल देने से रोक दिया गया है. जिन घरों के पास पहले से पीएनजी और LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अपना LPG कनेक्शन तुरंत छोड़ना होगा. इसके अलावा, पीएनजी कनेक्शन वाले लोग भविष्य में नया LPG कनेक्शन नहीं ले सकते और सिलेंडर रिफिल नहीं करा सकते.
भारत में 1.5 करोड़ घरेलू PNG उपभोक्ता हैं
पेट्रोलियम मंत्रालय ने लगभग 60 लाख घरों को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन लेने की सलाह दी है, ताकि एलपीजी सिलेंडर लेने में हो रही परेशानियों और पैनिक बुकिंग को कम किया जा सके. मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा कि वर्तमान में भारत में 1.5 करोड़ घरेलू PNG उपभोक्ता हैं, जिन्हें गैस की सुनिश्चित आपूर्ति मिल रही है. इनके अलावा लगभग 60 लाख घर PNG पाइपलाइन के पास हैं, जो आसानी से कनेक्शन ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि इससे एलपीजी पर होने वाला दबाव भी कम होगा. फिलहाल देश में 33.37 करोड़ घरेलू एलपीजी ग्राहक हैं. शर्मा ने व्यवसायिक LPG ग्राहक से भी कहा कि वे निकटतम सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन (CGD) केंद्र से पाइप के जरिए प्राकृतिक गैस प्राप्त कर सकते हैं.
औद्योगिक ग्राहकों को ईंधन सप्लाई करती हैं
दिल्ली की इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और मुंबई की महानगर गैस लिमिटेड (MGL) जैसी कंपनियां अपने-अपने क्षेत्रों में घरेलू, व्यावसायिक (होटल, अस्पताल, रेस्तरां) और औद्योगिक ग्राहकों को ईंधन सप्लाई करती हैं. सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन (CGD) कंपनियां पीएनजी और वाहन ईंधन CNG दोनों प्रदान करती हैं. पेट्रोलियम प्लानिंग और एनालिसिस सेल (PPAC) के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक पूरे देश में 40 से अधिक CGD कंपनियां थीं, जिनके पास 8,609 CNG स्टेशन, 1.62 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन, 48,157 व्यावसायिक ग्राहक और 21,373 औद्योगिक उपयोगकर्ता हैं. सुजाता शर्मा ने कहा कि 5 मार्च से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति घरों और परिवहन सेक्टर को प्राथमिकता के साथ की जा रही है, ताकि आवश्यक क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति बनी रहे.
एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 फीसदी आयात करता है
सरकार ने 9 मार्च को एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट लागू कर 100 फीसदी प्राकृतिक गैस की प्राथमिकता घरों और वाहनों को दी और 8 मार्च को भारतीय रिफाइनरीज को पश्चिम एशिया युद्ध के कारण एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया. सुजाता शर्मा ने कहा कि सरकार के कदमों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में 30 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 फीसदी आयात करता है, जिसमें से 90 फीसदी सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आती है. बढ़ा हुआ उत्पादन अब घरों में खाना पकाने की गैस की मांग पूरी करने में मदद कर रहा है.
गैर-घरेलू एलपीजी आपूर्ति में अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है. शर्मा ने कहा कि घरों में एलपीजी की आपूर्ति लगातार सुनिश्चित है, इसलिए ग्राहकों को सिलेंडर के लिए पैनिक बुकिंग करने की जरूरत नहीं है. अफवाहों के बीच एलपीजी बुकिंग 75- 76 लाख तक बढ़ गई, जबकि सामान्य औसत 50- 55 लाख है. उन्होंने कहा कि यह वृद्धि पैनिक बुकिंग का संकेत है.
लगभग 92,700 मीट्रिक टन LPG लदी हुई है
इसी बीच, दो भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जिनमें लगभग 92,700 मीट्रिक टन LPG लदी हुई है. पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवे मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि शिवालिक और नंदादेवी नामक भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर चुके हैं और जल्द ही भारत के बंदरगाहों पर पहुंचेंगे.