मछुआरा सम्मान निधि जारी, कोल्ड स्टोरेज यूनिट की सब्सिडी बढ़ी.. नाव के लिए 70 फीसदी पैसा भी मिलेगा

Mukhyamantri Machhuara Samman Nidhi : मुख्यमंत्री ने मछुआरों और मछली पालकों के लिए कोल्ड स्टोरेज यूनिट बनाने के लिए दी जा रही सब्सिडी को बढ़ाने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए मछुआरों, मछली पालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 13 Aug, 2026 | 01:13 PM

मछली पालन करने वाले मछुआरों के खाते में राशि भेजी गई है. हिमाचल प्रदेश सरकार मछुआरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना चला रही है. इसके तहत बिलासपुर जिले के 1500 मछुआरों को रकम ट्रांसफर की गई है. इसके अलावा अन्य जिलों के मछुआरों को चरणबद्ध तरीके से राशि देने की प्रक्रिया चल रही है. राज्य सरकार ने नई नाव खरीदने पर सब्सिडी देने की घोषणा की है. जबकि, कोल्ड स्टोरेज यूनिट बनाने के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को बढ़ा दिया है.

सीएम ने राशि जारी की, जुर्माना माफ करने की घोषणा

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर जिले के 1500 मछुआरों को मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से कुल 52.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं. मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने मछुआरा समितियों पर लगाए गए पांच गुना जुर्माने को माफ करने की घोषणा की है.

कोल्ड स्टोरेज यूनिट की सब्सिडी बढ़ाई

मुख्यमंत्री ने मछुआरों और मछली पालकों के लिए कोल्ड स्टोरेज यूनिट बनाने के लिए दी जा रही सब्सिडी को बढ़ाने की घोषणा की है. अब तक कोल्ड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने के लिए 70 फीसदी सब्सिडी दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर 80 फीसदी कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का मछली उत्पादन बढ़ाने पर काम किया जा रहा है और इसके मछुआरों, मछली पालकों को आर्थिक रूप से मजबूत करना जरूरी है और इसी दिशा में राज्य सरकार काम कर रही है.

मछली पर 100 रुपये किलो एमएसपी दे रही सरकार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 2026-27 के बजट में ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना’ शुरू करने की घोषणा की थी. इसका उद्देश्य जलाशयों में मछली पालन और मछली पकड़ने से जुड़े परिवारों की आय को स्थिर करना और मत्स्य पालन को बढ़ावा देना है. योजना के तहत जलाशयों से पकड़ी जाने वाली मछली के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया गया है.

मॉनसून में मछली पकड़ने पर रोक के दौरान 3500 रुपये दे रही सरकार

सरकार ने मछुआरों को उत्पादन और कारोबार से जुड़ी लागत कम करने के लिए भी सहायता देने का प्रावधान किया है. इसके अलावा मॉनसून के दौरान मछली पकड़ने पर प्रतिबंध वाले समय में मछुआरा परिवारों को साल में एक बार 3,500 रुपये की सहायता देने का प्रावधान किया गया है. इससे बंद मौसम में मछुआरों को आय के संकट से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.

मछली पकड़ने-बिक्री पर लगने वाली रॉयल्टी की दर भी घटाई

सरकार ने जलाशयों में पकड़ी जाने वाली मछलियों पर रॉयल्टी की दर भी घटाकर 1 फीसदी कर दी है. इससे मछुआरों पर वित्तीय बोझ कम होने और उनकी कमाई बढ़ने की संभावना है. राज्य सरकार का कहना है कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि हिमाचल के कई परिवार सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जलाशयों और मत्स्य गतिविधियों पर निर्भर हैं.म

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