तमिलनाडु के इस शहर में दूध की किल्लत, देर से हो रही सप्लाई.. हजारों लोग प्रभावित

तमिलनाडु के कोयंबटूर में Aavin दूध की सप्लाई पिछले तीन हफ्तों से देरी से पहुंच रही है. तय समय से करीब तीन घंटे बाद दूध मिलने से एजेंट और ग्राहक परेशान हैं. निजी दूध कंपनियों के दाम बढ़ने के बाद Aavin की मांग बढ़ी है. एजेंट रोजाना 10,000-15,000 लीटर तक अतिरिक्त मांग कर रहे हैं, जिससे सप्लाई व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 13 Aug, 2026 | 02:36 PM

Tamil Nadu News: तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर में लोगों को समय पर दूध नहीं मिल पा रहा है. क्योंकि शहर में दूध की सप्लाई ही देर से हो रही है. बुधवार को  वितरण केंद्रों पर दूध सुबह 7:45 बजे पहुंचा, जबकि तय समय सुबह 4:30 बजे का था. यानी दूध करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचा. ऐसे में हजारों लोगों को समय पर दूध नहीं मिल पा रहा है. वितरण एजेंटों के मुताबिक, पिछले तीन हफ्तों से रोजाना यही समस्या बनी हुई है. समय पर दूध नहीं मिलने के कारण कई एजेंटों को रेस कोर्स स्थित मुख्य वितरण केंद्र से खुद दूध लाना पड़ रहा है. इसका असर घर-घर दूध पहुंचाने और दुकानों पर सप्लाई पर भी पड़ रहा है. कई दुकानों में सुबह 8 बजे के बाद तक दूध नहीं पहुंच पाया.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक एजेंट ने कहा कि सुबह की सप्लाई के साथ दिन में आने वाली दूध की खेप में भी देरी हो रही है. दोपहर 12 बजे तक पहुंचने वाला दूध अक्सर दोपहर 2 बजे आता है. एजेंटों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन अब तक समस्या का उचित समाधान नहीं हुआ है. कोयंबटूर में Aavin दूध की सप्लाई  में देरी के साथ अब अनियमित और कई जगह सप्लाई रद्द होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं. ग्राहकों का कहना है कि Aavin दूध पसंद होने के बावजूद उन्हें मजबूरी में ज्यादा कीमत पर निजी ब्रांड का दूध खरीदना पड़ रहा है.

दाम बढ़ते ही Aavin की मांग बढ़ी

Aavin कोयंबटूर के जनरल मैनेजर आर. शनमुगम ने सप्लाई में देरी की बात स्वीकार की है. उन्होंने इसकी मुख्य वजह एजेंटों की ओर से दूध की मांग में लगातार और अचानक बढ़ोतरी को बताया है. Aavin कोयंबटूर के जनरल मैनेजर आर. शनमुगम के मुताबिक, निजी दूध कंपनियों की कीमतें हाल में बढ़ने के बाद Aavin की मांग अचानक बढ़ गई है. कई Aavin एजेंट रोजाना अपनी मांग में 10,000 से 15,000 लीटर तक की बढ़ोतरी कर रहे हैं. इससे दूध की प्रोसेसिंग और सप्लाई व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है.

Aavin रोजाना 3.10 लाख लीटर दूध कर रहा प्रोसेस

उन्होंने कहा कि Aavin कोयंबटूर फिलहाल स्थानीय किसानों से रोजाना 1.10 लाख लीटर से ज्यादा दूध खरीदता है. वहीं, कोयंबटूर, तिरुप्पुर और नीलगिरी जिलों में रोजाना करीब 3.10 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग की जाती है. मांग पूरी करने के लिए कर्नाटक मिल्क फेडरेशन  से भी अतिरिक्त दूध खरीदा जा रहा है. शनमुगम ने कहा कि सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एजेंटों से रोज शाम 4 बजे तक अपनी मांग बताने को कहा गया था. एजेंटों के विरोध के बाद समय बढ़ाकर शाम 6 बजे कर दिया गया. इसके बावजूद आखिरी समय में मांग अचानक बढ़ने से प्लांट को कम समय में ज्यादा दूध प्रोसेस करना पड़ता है.

Aavin की टीम करेगी समस्या का आकलन

दूध प्रोसेस  होने के बाद उसे 4 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करने में करीब दो घंटे लगते हैं. इसके अलावा एजेंटों की ओर से खाली दूध की ट्रे समय पर वापस नहीं करने से भी सप्लाई में देरी हो रही है. अधिकारियों का कहना है कि समस्या को जल्द दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं. कोयंबटूर जिला कलेक्टर और Aavin के चेयरमैन पवनकुमार जी. गिरियप्पनवर ने कहा कि Aavin की टीम को समस्या का आकलन कर समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं.

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Published: 13 Aug, 2026 | 01:48 PM

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