रिकॉर्ड आयात से कपास का भंडार मजबूत, नए सीजन में शुरुआती स्टॉक 68 फीसदी ज्यादा रहने की उम्मीद

देश में कपास का नया सीजन रिकॉर्ड स्टॉक के साथ शुरू होने का अनुमान है. CAI के मुताबिक, 2026-27 में शुरुआती स्टॉक 93.59 लाख गांठ रह सकता है. रिकॉर्ड आयात से स्टॉक बढ़ा है। इस साल कपास आयात 62 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान है. वहीं, घरेलू मांग और नई फसल की आवक में देरी से कपास की कीमतों में तेजी बनी हुई है.

Kisan India
नोएडा | Published: 12 Aug, 2026 | 08:44 AM

देश में कपास का नया सीजन रिकॉर्ड स्टॉक के साथ शुरू होने की उम्मीद है. कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) के मुताबिक, अक्टूबर से शुरू होने वाले फसल वर्ष 2026-27 में शुरुआती कपास स्टॉक 93.59 लाख गांठ रह सकता है. यह पिछले सीजन के 55.59 लाख गांठ के मुकाबले करीब 68 फीसदी ज्यादा है. हालांकि, कहा जा रहा है कि रिकॉर्ड आयात की वजह से कपास का स्टॉक बढ़ा है. सितंबर में खत्म होने वाले मौजूदा सीजन 2025-26 के अंत में भी स्टॉक 93.59 लाख गांठ रहने का अनुमान है, जो पिछले साल से 38 लाख गांठ ज्यादा है.

कपास उत्पादन का अनुमान बढ़ाया

CAI ने 2025-26 सीजन के कपास उत्पादन  का अनुमान भी 2 लाख गांठ बढ़ाकर 339 लाख गांठ कर दिया है. इससे पहले पिछले महीने संगठन ने उत्पादन अनुमान में 3 लाख गांठ की बढ़ोतरी कर इसे 337 लाख गांठ किया था. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में कपास प्रेसिंग के अनुमान में बढ़ोतरी को देखते हुए उत्पादन का अनुमान बढ़ाया गया है.

कपास आयात रिकॉर्ड 62 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, इस साल देश में कपास का आयात रिकॉर्ड 62 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान है. जुलाई के अंत तक 54 लाख गांठ कपास का आयात हो चुका है, जबकि सितंबर के अंत तक 8 लाख गांठ और आने की उम्मीद है. CAI क्रॉप कमेटी के चेयरमैन अतुल एस. गनात्रा के मुताबिक, पिछले दो-तीन दशकों में भारत का सालाना कपास आयात आमतौर पर 15-20 लाख गांठ के बीच रहा है. लेकिन पिछले साल आयात बढ़कर 41 लाख गांठ हो गया था. पिछले दो साल में रिकॉर्ड आयात के चलते इस साल कपास का क्लोजिंग स्टॉक भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है. फिलहाल इस साल अक्टूबर के अंत तक कपास के आयात पर कोई शुल्क नहीं लग रहा है.

घरेलू मांग और नई फसल में देरी से कीमतों को सहारा

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने 2025-26 सीजन में देश में कपास की खपत का अनुमान 348 लाख गांठ पर बरकरार रखा है. यह पिछले साल की 319 लाख गांठ की खपत से करीब 29 लाख गांठ ज्यादा है. जुलाई के अंत तक देश में करीब 290 लाख गांठ कपास की खपत हो चुकी है. कपास के निर्यात का अनुमान इस साल 15 लाख गांठ रखा गया है, जो पिछले साल के 18 लाख गांठ से करीब 3 लाख गांठ कम है. जुलाई के अंत तक करीब 12.25 लाख गांठ कपास का निर्यात हो चुका है.

घरेलू मांग से कपास की कीमतों में तेजी

वैश्विक बाजार में मजबूती, घरेलू मांग बढ़ने और नई फसल की आवक में संभावित देरी से कपास की कीमतों को सहारा मिल रहा है. मंगलवार को कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) की कपास कीमतों में 200 रुपये प्रति कैंडी (356 किलो) की बढ़ोतरी हुई. पिछले दो हफ्तों में CCI की कपास कीमतें 1,400 रुपये प्रति कैंडी बढ़ चुकी हैं. इस खरीफ सीजन में कपास की बुवाई का रकबा 106 लाख हेक्टेयर से ज्यादा रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के लगभग बराबर है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़