Andhra Pradesh Agriculture Growth: आंध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में 10.7 फीसदी की मजबूत ग्रोथ दर्ज की है. कम बारिश के बावजूद राज्य की आर्थिक विकास दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर रही. योजना विभाग की जुलाई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की वास्तविक GSDP ग्रोथ 2023-24 में 6.5 फीसदी से बढ़कर 2025-26 में 9.9 फीसदी हो गई है. इस दौरान कृषि क्षेत्र ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और 13 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की.
दरअसल, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को योजना विभाग ने जुलाई 2026 की मासिक आर्थिक रिपोर्ट सौंपी. रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की वास्तविक GSDP ग्रोथ 2023-24 में 6.5 फीसदी से बढ़कर 2025-26 में 9.9 फीसदी हो गई है. खास बात यह है कि दूसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और 13.5 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की. इसके बाद उद्योग क्षेत्र की वृद्धि 10.6 फीसदी और सेवा क्षेत्र की वृद्धि 9.9 फीसदी रही. वहीं, आंध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था में ग्रोथ के साथ पशुपालन क्षेत्र ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है. राज्य में मांस उत्पादन 9.6 फीसदी और अंडे का उत्पादन 5.1 फीसदी बढ़ा है. सामान्य निर्यात 10.5 फीसदी बढ़कर 16,322 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं, STPI निर्यात में 32.2 फीसदी और कमर्शियल वाहनों के रजिस्ट्रेशन में 51.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
GST कलेक्शन में भी इजाफा
सरकारी कामकाज में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से GST कलेक्शन में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 13,282 करोड़ रुपये पहुंच गया. राज्य में निवेश गतिविधियां भी मजबूत रही हैं. मेगा प्रोजेक्ट्स में करीब 2.88 लाख करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया, जिसमें 75.4 फीसदी की वृद्धि हुई. वहीं, MSME सेक्टर में करीब 60,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो 73.6 फीसदी बढ़ा है. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को राज्य की आर्थिक वृद्धि को 15 फीसदी तक पहुंचाने की दिशा में योजनाएं बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने विभागों को संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने, स्पष्ट लक्ष्य तय करने, टेक्नोलॉजी अपनाने और आंकड़ों के आधार पर जरूरी सुधार करने को कहा.
आंध्र प्रदेश में 51.8 फीसदी कम बारिश से बढ़ी चिंता
आंध्र प्रदेश में इस सीजन 51.8 फीसदी कम बारिश होने पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चिंता जताई है. उन्होंने अधिकारियों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कृषि समेत दूसरे उत्पादों में वैल्यू एडिशन बढ़ाने के लिए कंटिजेंसी प्लान तैयार करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और ग्रोथ से जुड़े ऐसे कदम उठाए जाएं, जिनसे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े. उन्होंने इस मुद्दे की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने का सुझाव भी दिया. नायडू ने अधिकारियों को जिला, विधानसभा क्षेत्र और मंडल स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग रिपोर्ट तैयार करने को कहा, ताकि किसी भी समस्या पर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें और योजनाओं को जमीन पर बेहतर तरीके से लागू किया जा सके. बैठक में वित्त एवं योजना विभाग के प्रमुख सचिव पीयूष कुमार, योजना विभाग के कार्यकारी निदेशक वी.आर. अलपार्थी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.