गन्ना, कपास और धान की बुवाई को झटका, खरीफ सीजन की सभी फसलों के बुवाई आंकड़े जारी

Kharif Crops Acreage Progress Data : खरीफ फसलों में धान, मक्का के बुवाई क्षेत्रफल में गिरावट ने बड़ा झटका दिया है. श्रीअन्न फसलों के रकबे में 4.71 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है. वहीं, दलहन में 1.95 लाख हेक्टेयर की कमी आई है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 12 Aug, 2026 | 06:00 AM

खरीफ फसलों के बुवाई में मॉनसून किसानों के लिए बैरी बन गया है. यही वजह है कि गन्ना, कपास और धान का बुवाई क्षेत्रफल तेजी से गिरा है. धान का रकबा आश्चर्यजनक रूप से 15 लाख हेक्टेयर से अधिक गिर गया है. दालों में अरहर का रकबा 2 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबा कम हो गया है. इसी तरह किसानों ने इस बार 3 लाख हेक्टेयर कम मक्का की बुवाई की है. तिलहन फसलों के रकबे में 5.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल बढ़ गया है.

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 8 अगस्त तक राष्ट्रीय स्तर पर खरीफ फसलों की बुवाई प्रगति आंकड़े जारी कर दिए हैं. खरीफ सीजन की फसलों की कुल बुवाई 967.92 लाख हेक्टेयर में की गई है, जो बीते साल के बुवाई क्षेत्रफल 985.89 हेक्टेयर की तुलना में 17.96 लाख हेक्टेयर कम है. सबसे ज्यादा धान का रकबा घटा है. जबकि, मक्का और दलहन के साथ ही मोटे अनाज की बुवाई भी कम हुई है. बुवाई क्षेत्रफल में गिरावट की वजह मॉनसून की देरी और कम बारिश को माना जा रहा है.

ज्वार की बुवाई बढ़ी, मक्का का रकबा घटा

श्रीअन्न फसलों यानी मोटे अनाज की कुल बुवाई 2025 के 173.21 लाख हेक्टेयर से घटकर 2026 में 168.50 लाख हेक्टेयर रह गई है, यानी 4.71 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है. मोटे अनाज में ज्वार का क्षेत्रफल 0.22 लाख हेक्टेयर बढ़कर 12.82 लाख हेक्टेयर हुआ है, जबकि बाजरा 0.55 लाख हेक्टेयर घटकर 62.44 लाख हेक्टेयर रह गया है. वहीं, रागी का क्षेत्रफल 0.31 लाख हेक्टेयर बढ़ा है. इसके अलावा मक्का का क्षेत्रफल 3.48 लाख हेक्टेयर घटकर 87.15 लाख हेक्टेयर रह गया, जो मोटे अनाज समूह की फसलों में सबसे बड़ी कमी है.

दलहन फसलों में अरहर-मूंग की खेती घटी, उड़द की बुवाई बढ़ी

दलहन फसलों की कुल बुवाई 2025 के 105.73 लाख हेक्टेयर से घटकर 2026 में 103.78 लाख हेक्टेयर रह गई है. यानी दलहन का क्षेत्रफल 1.95 लाख हेक्टेयर घटा है. प्रमुख फसलों में अरहर का क्षेत्रफल 2.61 लाख हेक्टेयर घटकर 37.53 लाख हेक्टेयर हुआ है. उड़द का क्षेत्रफल 2.57 लाख हेक्टेयर बढ़कर 22.86 लाख हेक्टेयर हुआ है, जबकि मूंग का क्षेत्रफल 1.84 लाख हेक्टेयर घटकर 31.37 लाख हेक्टेयर रह गया. मोठ का क्षेत्रफल 0.14 लाख हेक्टेयर बढ़ा है, जबकि अन्य दलहनों का क्षेत्रफल 0.21 लाख हेक्टेयर घटा है.

तिलहन फसलों की बुवाई में जबरदस्त बढ़ोत्तरी

तिलहन इस बार बढ़त वाले प्रमुख फसल समूहों में है. तिलहन का कुल बुवाई क्षेत्रफल 2025 के 175.01 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2026 में 180.20 लाख हेक्टेयर हो गया है, यानी 5.19 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है. इसमें मूंगफली का क्षेत्रफल सबसे ज्यादा 3.71 लाख हेक्टेयर बढ़कर 46.82 लाख हेक्टेयर हुआ है. सोयाबीन में मामूली 0.26 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है. सूरजमुखी का क्षेत्रफल 0.43 लाख हेक्टेयर बढ़ा और तिल का क्षेत्रफल 1.44 लाख हेक्टेयर बढ़ा है. दूसरी ओर नाइजर का क्षेत्रफल 0.02 लाख हेक्टेयर और अरंडी का क्षेत्रफल 0.68 लाख हेक्टेयर घटा है.

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Published: 12 Aug, 2026 | 06:00 AM

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