नए जन्मे पशु को कैसे रखें स्वस्थ, जानिए सफाई और टीकाकरण से जुड़ी जरूरी बातें

नवजात पशुओं की सही देखभाल बेहद जरूरी होती है. जन्म के तुरंत बाद खीस पिलाना, साफ-सफाई रखना और समय पर टीकाकरण करवाना उन्हें बीमारियों से बचाता है. पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को जागरूक करते हुए आसान और जरूरी उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर पशु स्वस्थ और मजबूत बनाए जा सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 26 Mar, 2026 | 11:32 PM

Animal Care: ग्रामीण इलाकों में पशुपालन सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि परिवार की आमदनी का मजबूत सहारा होता है. खासकर जब घर में कोई नया बछड़ा या बकरी का बच्चा जन्म लेता है, तो खुशी के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. लेकिन अक्सर जानकारी की कमी या छोटी-छोटी गलतियों की वजह से नवजात पशु बीमार पड़ जाते हैं. पशुपालन विभाग राजस्थान सरकार ने किसानों और पशुपालकों को जागरूक करते हुए कुछ जरूरी बातें बताई हैं, जिन्हें अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है.

जन्म के तुरंत बाद खीस पिलाना क्यों है जरूरी

नवजात पशु के लिए सबसे पहला और सबसे जरूरी आहार होता है खीस (कोलोस्ट्रम). यह दूध सामान्य  दूध से अलग होता है और इसमें रोगों से लड़ने की ताकत ज्यादा होती है. विभाग के अनुसार, पशु के जन्म के एक घंटे के अंदर खीस जरूर पिलाना चाहिए. अगर समय पर खीस नहीं दी गई, तो पशु कमजोर रह सकता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए ध्यान रखें कि जन्म के बाद लगातार कम से कम 3 दिन तक खीस पिलाते रहें. यह छोटे पशु के लिए जीवन की पहली सुरक्षा ढाल की तरह काम करता है.

साफ-सफाई का रखें खास ध्यान

नवजात पशु के लिए साफ-सफाई बहुत जरूरी होती है. जन्म के बाद उसकी नाभि (umbilical cord) संक्रमण का सबसे बड़ा कारण बन सकती है. पशुपालन विभाग  के मुताबिक, नाभि को तुरंत टिंचर आयोडीन से अच्छी तरह साफ करना चाहिए. इससे बैक्टीरिया का खतरा कम होता है और पशु सुरक्षित रहता है. इसके अलावा, जहां पशु रखा गया है, वहां की जगह भी साफ और सूखी होनी चाहिए. गंदगी या नमी से कई तरह की बीमारियां फैल सकती हैं, जिससे पशु की सेहत पर असर पड़ता है.

समय पर पशु चिकित्सक को दिखाना है जरूरी

अक्सर पशुपालक सोचते हैं कि अगर पशु ठीक दिख रहा है, तो डॉक्टर को दिखाने की जरूरत नहीं है. लेकिन यह सोच नुकसानदायक हो सकती है. विभाग का सलाह है कि जन्म के 7 दिन के अंदर पशु को एक बार पशु चिकित्सक  को जरूर दिखाएं. इससे यह पता चल जाता है कि पशु पूरी तरह स्वस्थ है या नहीं. अगर कोई छोटी समस्या भी होती है, तो समय रहते उसका इलाज हो सकता है. इससे आगे चलकर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है.

टीकाकरण से ही मिलेगा बीमारी से बचाव

पशुओं को बीमारियों  से बचाने का सबसे आसान और असरदार तरीका है समय पर टीकाकरण. पशुपालन विभाग राजस्थान सरकार के अनुसार, हर पशुपालक को अपने पशुओं का टीकाकरण समय पर करवाना चाहिए. इससे खतरनाक बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. टीकाकरण में लापरवाही करने पर पशु बीमार पड़ सकता है, जिससे दूध उत्पादन भी घटता है और आर्थिक नुकसान भी होता है. इसलिए पास के पशु चिकित्सालय या अधिकारी से संपर्क कर सही समय पर टीके जरूर लगवाएं.

छोटी सावधानी, बड़ा फायदा

नवजात पशुओं  की देखभाल में ज्यादा खर्च नहीं, बल्कि सही जानकारी और थोड़ी सावधानी की जरूरत होती है. समय पर खीस पिलाना, साफ-सफाई रखना, डॉक्टर को दिखाना और टीकाकरण करवाना-ये चार आसान कदम पशुपालकों को बड़ा नुकसान होने से बचा सकते हैं. अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो पशु स्वस्थ रहेंगे, उत्पादन बढ़ेगा और पशुपालन से होने वाली आय भी मजबूत होगी. यही वजह है कि पशुपालन विभाग लगातार किसानों को जागरूक कर रहा है, ताकि हर पशुपालक इन जरूरी बातों को अपनाकर फायदा उठा सके.

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Published: 26 Mar, 2026 | 11:32 PM
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