Vegetable Adulteration: आपकी हरी सब्जियों में खतरनाक रंग तो नहीं मिला? घर पर ऐसे करें 1 मिनट में टेस्ट

Vegetable Adulteration: बाजार में हरी सब्जियों को ज्यादा ताजा और आकर्षक दिखाने के लिए कई बार खतरनाक केमिकल मैलाकाइट ग्रीन का इस्तेमाल किया जाता है. यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है. लेकिन चिंता न करें, Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने इसके लिए एक आसान घरेलू टेस्ट बताया है जिससे आप घर पर ही सब्जियां की शुद्धता का पता लगा सकते हैं.

नोएडा | Updated On: 16 Mar, 2026 | 08:31 PM

Food Safety: हरी सब्जियां हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं. पालक, मेथी, धनिया और अन्य हरी सब्जियां विटामिन, मिनरल और फाइबर से भरपूर होती हैं, जो शरीर को जरूरी पोषण देती हैं. लेकिन कई बार बाजार में सब्जियों को ज्यादा ताजा और चमकदार दिखाने के लिए उनमें कृत्रिम रंग मिला दिया जाता है. इनमें से एक खतरनाक केमिकल मैलाकाइट ग्रीन (Malachite Green) है, जिसका इस्तेमाल कुछ लोग सब्जियों को गहरा हरा दिखाने के लिए करते हैं.

ऐसे में जरूरी है कि हम घर पर ही दूध की शुद्धता की जांच करना सीखें. इसी को लेकर Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है और एक आसान घरेलू टेस्ट साझा किया है.

क्या है मैलाकाइट ग्रीन और क्यों है खतरनाक

मैलाकाइट ग्रीन एक रासायनिक रंग है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर इंडस्ट्रियल कार्यों में किया जाता है. इसे खाने-पीने की चीजों में मिलाना सेहत के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के केमिकल से पेट से जुड़ी समस्याएं, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए सब्जियां खरीदते समय उनकी शुद्धता पर ध्यान देना बहुत जरूरी है.

FSSAI का घरेलू टेस्ट: ऐसे करें पहचान

हरी सब्जियों में मिलावट का पता लगाने के लिए एक बेहद आसान घरेलू तरीका अपनाया जा सकता है. इसके लिए आपके किसी खास मशीन की जरूरत भी नहीं होती.

सब्जियां खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

सब्जियां खरीदते समय कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखने से भी मिलावटी सब्जियों से बचा जा सकता है. बहुत ज्यादा चमकदार या असामान्य रूप से गहरे हरे रंग की सब्जियों से सावधान रहना चाहिए. इसके अलावा कोशिश करें कि ताजी और प्राकृतिक दिखने वाली सब्जियां ही खरीदें. अगर सब्जियों की सतह पर कृत्रिम रंग या दाग नजर आएं, तो उन्हें लेने से बचें.

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

FSSAI का कहना है कि घरेलू जांच शुरुआती स्तर पर मददगार हो सकती है, लेकिन यह लैब टेस्ट का विकल्प नहीं है. किसी भी खाद्य पदार्थ की पूरी तरह शुद्धता की पुष्टि केवल प्रमाणित लैब में ही हो सकती है. फिर भी, यह छोटा सा टेस्ट लोगों को जागरूक बनाता है और सही फैसला लेने में मदद करता है. अगर आपको दूध में मिलावट का संदेह हो, तो इसकी शिकायत FSSAI के ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या स्थानीय फूड सेफ्टी विभाग में कर सकते हैं.

Published: 17 Mar, 2026 | 06:00 AM

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