मॉनसून फिर हुआ एक्टिव, MP समेत कई राज्यों में भारी बारिश.. दिल्ली में भी बरसेंगे बादल
देश में मॉनसून फिर से सक्रिय हो गया है. IMD ने 23 जुलाई को मध्य प्रदेश, कोंकण, गोवा समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. पांच मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से तेज बारिश हो रही है. कुछ जिलों में फ्लैश फ्लड का भी खतरा जताया गया है.
देश के कई हिस्सों में मॉनसून फिर से पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 23 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं ओडिशा से लेकर हिमालयी राज्यों तक कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है. राजधानी दिल्ली में भी हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे मौसम सामान्य से ठंडा बना रहेगा.
क्यों हो रही है इतनी तेज बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, इस समय देश के ऊपर एक साथ पांच मौसम प्रणालियां (Weather Systems) सक्रिय हैं. ये सभी एक-दूसरे को मजबूत कर रही हैं, जिसके कारण कई राज्यों में लगातार भारी बारिश हो रही है. इनमें सबसे प्रमुख मॉनसूनी ट्रफ (Monsoon Trough) है. यह कम दबाव (लो प्रेशर) का एक लंबा क्षेत्र होता है, जो उत्तर भारत में फैला रहता है और मॉनसून की मुख्य धुरी माना जाता है. मौसम के दौरान यह उत्तर और दक्षिण की ओर खिसकता रहता है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बदलती रहती है.
मॉनसूनी ट्रफ दक्षिण की ओर बनी हुई है
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय मॉनसूनी ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है. इसे सक्रिय मॉनसून की सामान्य स्थिति माना जाता है. इस वजह से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाएं मध्य भारत तक पहुंच रही हैं, जिससे मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में लगातार भारी बारिश हो रही है. अगर यह ट्रफ हिमालय की तलहटी की ओर खिसक जाती, तो बारिश का ज्यादा असर वहीं देखने को मिलता.
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मौसम विभाग के अनुसार, देश में भारी बारिश की एक बड़ी वजह चार अन्य मौसम प्रणालियां भी हैं, जो मानसूनी ट्रफ के साथ मिलकर असर दिखा रही हैं. वहीं, उत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है. यह नमी वाली हवा को ऊपर उठाता है, जहां वह ठंडी होकर बादलों में बदल जाती है और बारिश होती है.
चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है
मध्य भारत में 22 डिग्री उत्तरी अक्षांश के आसपास एक ईस्ट-वेस्ट शियर जोन सक्रिय है. इस कारण गरज-चमक वाले बादल एक जगह बनने के बजाय बड़े समूह में विकसित हो रहे हैं, जिससे कई जिलों में बार-बार तेज बारिश हो रही है. जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है. यह भूमध्यसागर क्षेत्र से नमी लेकर आता है और पहाड़ी इलाकों में बारिश को बढ़ाने में मदद करता है. वहीं, पूर्वोत्तर असम के ऊपर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसकी वजह से पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश जारी है.
दिल्ली में पूरे दिन बादल छाए रहेंगे
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 23 जुलाई को दिल्ली में पूरे दिन बादल छाए रहेंगे. सुबह से दोपहर तक कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. वहीं रात के समय भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश के आसार हैं. दिल्ली का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. घने बादलों की वजह से धूप कम निकलेगी, जिससे तापमान सामान्य से कम बना रहेगा.
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
IMD के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं ओडिशा, विदर्भ, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, पंजाब, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और असम में कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, 64.5 से 115.5 मिमी बारिश को भारी, 115.6 से 204.4 मिमी को बहुत भारी और 204.4 मिमी से अधिक बारिश को अत्यधिक भारी बारिश माना जाता है.
हो सकती है ज्यादा बारिश
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 23 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. वहीं दक्षिण भारत के ज्यादातर हिस्सों में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधियां सामान्य या कम रहने की संभावना है. IMD ने 23 जुलाई सुबह 11:30 बजे तक कुछ जिलों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का कम से मध्यम स्तर का खतरा जताया है.