कृषि छात्रों के लिए शिवराज का बड़ा तोहफा, 21.35 करोड़ की स्कॉलरशिप जारी, अब हर महीने मिलेगा पैसा

Agriculture Scholarship: केंद्र सरकार ने कृषि छात्रों के लिए NSP-DBT के तहत बड़ी राहत दी है. देशभर के 6,000 से ज्यादा कृषि छात्रों को 21.35 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप सीधे बैंक खातों में भेजी गई. अब छात्रों को हर महीने DBT के जरिए समय पर स्कॉलरशिप मिलेगी.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 11 Aug, 2026 | 02:44 PM

NSP Scholarship 2026: कृषि की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के जरिए कृषि छात्रों की स्कॉलरशिप और फेलोशिप की राशि जारी की. इस पहल के तहत देशभर के 6,000 से ज्यादा छात्रों को कुल 21.35 करोड़ रुपये की रकम सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है. सरकार का कहना है कि अब कृषि छात्रों को स्कॉलरशिप पाने के लिए लंबे इंतजार और कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे खाते में पहुंचेगी.

हर महीने सीधे खाते में आएगी स्कॉलरशिप

कृषि छात्रों के लिए शुरू की गई नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब स्कॉलरशिप का पैसा हर महीने DBT के जरिए सीधे छात्रों के बैंक खाते में भेजा जाएगा. इससे भुगतान में देरी की समस्या कम होगी और छात्रों को समय पर आर्थिक मदद मिल सकेगी. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्कॉलरशिप सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि यह कृषि शिक्षा को मजबूत करने का एक जरूरी जरिया है. समय पर पैसा मिलने से छात्र अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे.

सिर्फ किताबों से नहीं आएगी कृषि की समझ

कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने छात्रों से कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेती की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी जरूरी है. सिर्फ किताबों और क्लास में पढ़ने से कृषि की पूरी जानकारी नहीं मिल सकती. छात्रों को खेतों में जाकर काम करने, किसानों से सीखने और नई कृषि तकनीकों को समझने का मौका भी मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को खेती की जमीनी हकीकत समझने में मदद मिलेगी. आगे चलकर यही अनुभव उन्हें बेहतर किसान, वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ और कृषि से जुड़े कारोबारी बनने में मदद करेगा.

छात्रों को नौकरी से आगे सोचने की सलाह

शिवराज सिंह चौहान ने कृषि छात्रों से कहा कि वे पढ़ाई पूरी करने के बाद सिर्फ नौकरी पाने पर ध्यान न दें, बल्कि कृषि के क्षेत्र में कुछ नया करने की कोशिश करें. उन्होंने युवाओं को नई तकनीक, स्टार्टअप और रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने की सलाह दी. आज खेती में ड्रोन, डिजिटल तकनीक, आधुनिक सिंचाई व्यवस्था और नई मशीनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में कृषि की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए खेती से जुड़े कारोबार, तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में रोजगार और अपना काम शुरू करने के नए मौके भी बढ़ रहे हैं.

कृषि और किसानों के लिए रिसर्च पर जोर

कृषि मंत्री ने ICAR के वैज्ञानिकों के योगदान की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों की रिसर्च और किसानों की मेहनत ने देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से टेक्नोलॉजी, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री से जोड़ना जरूरी है. इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही खेती और कृषि कारोबार की वास्तविक चुनौतियों को समझने का मौका मिलेगा.

हरियाली अमावस्या पर पौधरोपण की अपील

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने हरियाली अमावस्या के मौके पर देशभर के ICAR संस्थानों में पढ़ने वाले कृषि छात्रों से पौधरोपण अभियान में हिस्सा लेने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है. खेती और पर्यावरण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए छात्रों को हरित पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. कुल मिलाकर NSP-DBT के जरिए स्कॉलरशिप की यह व्यवस्था कृषि छात्रों के लिए राहत लेकर आई है.

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