महाराष्ट्र में दूध हुआ महंगा! आज से 2 रुपये प्रति लीटर बढ़े दाम, आम लोगों की जेब पर असर

Maharashtra Milk Price Hike: महाराष्ट्र में दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई है. गाय का दूध अब करीब 54-56 रुपये और भैंस का दूध 70-72 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है. चारे, पशु आहार, प्रोसेसिंग और ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने को कीमत बढ़ने की प्रमुख वजह बताया जा रहा है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 11 Aug, 2026 | 01:44 PM

Milk Price Hike Maharashtra: महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों के लिए महंगाई से जुड़ी एक और खबर सामने आई है. राज्य में दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की गई है. दूध रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा है, इसलिए कीमत बढ़ने का सीधा असर घर के बजट पर पड़ना तय है. खासकर उन परिवारों के खर्च बढ़ेंगे, जहां रोजाना ज्यादा मात्रा में दूध इस्तेमाल होता है. दूध के दाम बढ़ने का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहेगा. चाय की दुकान, होटल, कैफे, मिठाई की दुकान और बेकरी जैसे छोटे कारोबारों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है.

गाय और भैंस के दूध के नए दाम

दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद गाय और भैंस के दूध के दाम पहले के मुकाबले बढ़ गए हैं.

  • भैंस के दूध की कीमत पहले करीब 68 से 70 रुपये प्रति लीटर थी.
  • अब यह बढ़कर करीब 70 से 72 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
  • वहीं गाय के दूध के दाम में भी 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है.
  • इसके बाद इसकी कीमत करीब 54 से 56 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

हालांकि, अलग-अलग डेयरी कंपनियों और स्थानीय दुकानों पर दूध की कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है. अमूल, गोकुल, मदर डेयरी और स्थानीय डेयरियों के पैकेट की कीमत इलाके और पैक के हिसाब से अलग हो सकती है.

दूध महंगा करने की क्या है वजह?

डेयरी कंपनियों और संघों के मुताबिक, दूध की कीमत बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ी वजह पशुओं के चारे और दाने की बढ़ती लागत है. पशुपालकों को गाय-भैंस के लिए हरा चारा, सूखा चारा और पशु आहार खरीदने में पहले से ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है. इसके अलावा पशुओं की देखभाल और रखरखाव का खर्च भी बढ़ा है. डेयरी कंपनियों का कहना है कि, किसानों और पशुपालकों को दूध की उचित कीमत देने के लिए खरीद लागत बढ़ानी पड़ रही है. दूध को प्लांट तक पहुंचाने, प्रोसेसिंग, पैकिंग और फिर दुकानों तक पहुंचाने का खर्च भी बढ़ा है. पेट्रोल-डीजल और दूसरी लागत बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी डेयरियों पर बढ़ा है. इन सभी खर्चों का असर आखिरकार दूध की खुदरा कीमत पर पड़ा है.

घर के महीने के बजट पर कितना असर?

दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन रोजाना इस्तेमाल करने वाले परिवारों के लिए यह महीने के खर्च में जुड़ जाती है. अगर कोई परिवार रोजाना 2 लीटर दूध खरीदता है, तो 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के हिसाब से उसे रोजाना 4 रुपये ज्यादा देने होंगे. यानी 30 दिनों में दूध पर करीब 120 रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे. जिन परिवारों में रोजाना 3 से 4 लीटर दूध की खपत होती है, उनके लिए अतिरिक्त खर्च और ज्यादा होगा.

चाय से लेकर मिठाई तक पर पड़ सकता है असर

दूध महंगा होने का असर कई दूसरे डेयरी उत्पादों पर भी पड़ सकता है. चाय की दुकानों, कैफे और होटलों में दूध का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है. इसी तरह हलवाई और मिठाई कारोबार में भी दूध, मावा और खोया जैसी चीजों की जरूरत होती है. दूध की लागत बढ़ने से दही, पनीर, मावा, मक्खन और मिठाइयों की कीमतों पर भी दबाव आ सकता है. हालांकि, इन उत्पादों के दाम कितने बढ़ेंगे, यह कारोबारियों और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा.

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