Digital Crop Survey Gujarat: गुजरात में खेती से जुड़ी जानकारी को डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य सरकार 15 अगस्त से डिजिटल फसल सर्वेक्षण शुरू करने जा रही है. यह अभियान करीब 45 दिनों तक चलेगा और इसके तहत खरीफ सीजन में किसानों के खेतों में कौन-सी फसल लगी है, इसका रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से तैयार किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इस सर्वे का मकसद खेतों और फसलों से जुड़ी जानकारी को सही तरीके से दर्ज करना है, ताकि भविष्य में किसानों से जुड़ी योजनाओं और कृषि व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके.
95 लाख से ज्यादा खेतों का जुटेगा डेटा
डिजिटल फसल सर्वे का काम 15 अगस्त से 30 सितंबर तक चलेगा. इस दौरान गुजरात के सभी जिलों की खेती योग्य जमीन को सर्वे में शामिल किया जाएगा. सरकार के मुताबिक, इस साल करीब 18,197 गांवों के 95 लाख से ज्यादा कृषि भूखंडों का डेटा जुटाया जाएगा. गुजरात में यह डिजिटल सर्वे पहले से चल रहा है और राज्य सरकार 2024-25 से इस व्यवस्था पर काम कर रही है. यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक पहल से जुड़ी हुई है. इसका उद्देश्य खेती और किसानों से जुड़ी जरूरी जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में व्यवस्थित करना है.
खेत में जाकर सर्वे करेंगे सरकारी कर्मचारी
सर्वे के लिए विशेष रूप से नियुक्त सरकारी सर्वेयर किसानों के खेतों तक जाएंगे. वहां वे सर्वे नंबर के आधार पर यह जानकारी दर्ज करेंगे कि खेत में कौन-सी फसल बोई गई है. इसके बाद यह जानकारी डिजिटल एप्लिकेशन पर अपलोड की जाएगी. सर्वे के दौरान खेत और फसल की जियो-टैग तस्वीरें भी ली जाएंगी. इससे रिकॉर्ड में यह पता लगाना आसान होगा कि किस जमीन पर कौन-सी फसल लगी हुई है. इस पूरी प्रक्रिया का मकसद खेतों से जुड़ा डेटा ज्यादा व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाना है.
किसान खुद भी कर सकेंगे डिजिटल सर्वे
सरकार ने किसानों को खुद अपनी फसल की जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी दिया है. फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत किसान सरकारी सर्वेयर का इंतजार किए बिना अपने मोबाइल से सर्वे पूरा कर सकते हैं. इसके लिए किसान को डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप डाउनलोड करना होगा. ऐप के जरिए अपनी जमीन और उसमें लगी फसल की जानकारी दर्ज की जा सकती है. इससे किसानों को अपने खेत का रिकॉर्ड खुद अपडेट करने की सुविधा मिलेगी और सर्वे का काम भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा.
30 सितंबर तक जरूर दर्ज कराएं रिकॉर्ड
कृषि निदेशालय ने किसानों से अपील की है कि वे तय समय के अंदर अपने खेतों का डिजिटल सर्वे जरूर पूरा करवाएं. किसानों को यह भी देखना होगा कि उनके सभी सर्वे नंबर सही तरीके से दर्ज हुए हैं या नहीं. इसके लिए वे अपने गांव में नियुक्त सर्वेयर से संपर्क कर सकते हैं या मोबाइल ऐप के जरिए खुद जानकारी दर्ज कर सकते हैं.
सरकार के अनुसार, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से आने वाले समय में फसल और कृषि भूमि से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी. इससे सरकारी योजनाओं की निगरानी, कृषि नीति बनाने और किसानों तक सुविधाएं पहुंचाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.