पश्चिम एशिया गैस संकट के बावजूद किसानों की चिंता खत्म! IFFCO ने बताया, उर्वरक की आपूर्ति बिल्कुल सुरक्षित

West Asia Gas Crisis: पश्चिम एशिया में गैस संकट की खबरों ने भारत के किसानों को चिंता में डाल दिया था. कई किसानों को डर था कि इससे उर्वरक बनाने और उपलब्ध कराने में समस्या हो सकती है. लेकिन IFFCO की औनला यूनिट के सीनियर जनरल मैनेजर सत्यजीत प्रधान ने कहा कि भारतीय उर्वरक सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित है. सरकार ने उर्वरक बनाने के लिए जरूरी गैस की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित कर दी है, इसलिए उत्पादन और बिक्री दोनों सामान्य रूप से चल रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 29 Mar, 2026 | 07:12 PM

Fertiliser Supply India: हाल ही में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और गैस संकट की खबरों ने कृषि क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी थी. कई किसान और उद्योग विशेषज्ञ सोच रहे थे कि इस संकट का असर भारत में उर्वरक उत्पादन और आपूर्ति पर पड़ सकता है. हालांकि, IFFCO (Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited) की औनला यूनिट के सीनियर जनरल मैनेजर सत्यजीत प्रधान ने स्पष्ट किया है कि भारतीय उर्वरक सेक्टर फिलहाल इस संकट से प्रभावित नहीं हुआ है.

सरकार की पहल से उर्वरक आपूर्ति सुरक्षित

सत्यजीत प्रधान ने कहा कि पश्चिम एशिया में गैस संकट होने के बावजूद भारत में उर्वरक उद्योग सामान्य रूप से काम कर रहा है. सरकार ने उर्वरक बनाने के लिए जरूरी गैस की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित कर दी है. इसलिए उत्पादन के साथ-साथ उर्वरक की डिलीवरी और बिक्री भी बिना किसी रुकावट के चल रही है.

प्रधान ने बताया कि IFFCO सभी किसानों तक उर्वरक समय पर पहुंचा रही है. देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी. इसका मतलब है कि कोई भी किसान उर्वरक की कमी के कारण अपनी फसल की देखभाल में पीछे नहीं रहेगा.

उत्पादन और वितरण दोनों सामान्य

उर्वरक सेक्टर के लिए सबसे बड़ी चिंता गैस की उपलब्धता और उत्पादन क्षमता में बाधा थी. सत्यजीत प्रधान ने साफ किया कि IFFCO की औनला यूनिट उत्पादन और विपणन दोनों मोर्चों पर सामान्य रूप से काम कर रही है. देश में मौजूद स्टॉक और उत्पादन क्षमता के कारण किसानों को उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. इस स्थिति का सीधा फायदा किसानों को होगा. समय पर उर्वरक मिलने से खेती पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा और उत्पादन में स्थिरता बनी रहेगी. विशेषज्ञों के अनुसार, यह व्यवस्था भारतीय कृषि के लिए राहत की खबर है, क्योंकि किसानों की फसल का स्वास्थ्य और उत्पादन सीधे उर्वरक की उपलब्धता पर निर्भर करता है.

संकट के बावजूद स्थिरता का संदेश

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच यह साफ हो गया है कि भारतीय उर्वरक सेक्टर ने संकट के असर को कम से कम रखा है. सत्यजीत प्रधान के अनुसार, पर्याप्त स्टॉक और सरकार के सहयोग से उत्पादन और वितरण दोनों ही सामान्य बनाए रखे जा रहे हैं. इसका मतलब यह है कि भारतीय किसान इस वैश्विक संकट का असर अपनी फसलों पर महसूस नहीं करेंगे. यह स्थिति किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है. समय पर उर्वरक की उपलब्धता से न केवल फसल की देखभाल बेहतर होगी, बल्कि उत्पादन में स्थिरता और गुणवत्ता भी बनी रहेगी.

पश्चिम एशिया में जारी गैस संकट ने कृषि क्षेत्र में शुरुआती चिंता पैदा की थी, लेकिन IFFCO और सरकार की योजनाओं ने इसे नियंत्रित कर दिया है. सत्यजीत प्रधान के अनुसार, उत्पादन और वितरण दोनों सामान्य हैं, और किसानों को उर्वरक की कमी या किसी अन्य समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.

 

Published: 29 Mar, 2026 | 08:32 PM

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