कृषि उत्पादों के निर्यात में 14 फीसदी का उछाल, भैंस के मांस और चावल की सबसे अधिक डिमांड

चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत के कृषि उत्पादों का निर्यात 14 फीसदी बढ़ा. भैंस के मांस, नॉन-बासमती चावल और दालों के निर्यात में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि बासमती चावल, ताजे फल, सब्जियां, डेयरी, मूंगफली, ग्वार गम और पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात में गिरावट देखने को मिली.

नोएडा | Updated On: 31 Jul, 2026 | 08:21 AM

विदेशों में भैंस के मांस और नॉन-बासमती चावल की मजबूत मांग के चलते चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत के कृषि उत्पादों के निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. एपीडा (APEDA) के तहत आने वाले कृषि उत्पादों का निर्यात करीब 14 फीसदी बढ़कर 65,475 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 57,505 करोड़ रुपये था. इस दौरान नॉन-बासमती चावल का निर्यात भी बेहतर रहा. अप्रैल-जून तिमाही में इसका निर्यात करीब 12 फीसदी बढ़कर 13,626 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 12,084 करोड़ रुपये था.

अगर मात्रा की बात करें तो नॉन-बासमती चावल का निर्यात 32 फीसदी बढ़कर 43.8 लाख टन पहुंच गया. पिछले साल पहली तिमाही में यह 33.2 लाख टन था. इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय नॉन-बासमती चावल की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. खास बात यह है कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भैंस के मांस (काराबीफ) के निर्यात में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसका निर्यात 66 फीसदी बढ़कर 1.49 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 89.68 करोड़ डॉलर था.

मांस निर्यात में 32 फीसदी बढ़ोतरी

मात्रा के लिहाज से भी भैंस के मांस का निर्यात 32 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख टन हो गया, जबकि पिछले साल पहली तिमाही में यह 2.57 लाख टन था. वहीं, बासमती चावल के निर्यात में गिरावट देखने को मिली. मूल्य के आधार पर इसका निर्यात 3 फीसदी घटकर 12,341 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 12,769 करोड़ रुपये था. निर्यात की मात्रा भी घटकर 15.39 लाख टन रह गई, जबकि एक साल पहले यह 17.32 लाख टन थी.

प्रोसेस्ड कृषि उत्पादों का निर्यात करीब 14 फीसदी बढ़ा

इसके अलावा, प्रोसेस्ड कृषि उत्पादों का निर्यात करीब 14 फीसदी बढ़कर 4,035 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 3,539 करोड़ रुपये था. दालों के निर्यात में भी शानदार तेजी रही. पहली तिमाही में दालों का निर्यात 52 फीसदी बढ़कर 3,118 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2,047 करोड़ रुपये डॉलर था. मात्रा के हिसाब से दालों का निर्यात 4.02 लाख टन रहा, जो पिछले साल के 2.39 लाख टन से काफी अधिक है.

ताजी सब्जियों का निर्यात घटकर 1,504 करोड़ रुपये रह गया

चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में प्रोसेस्ड सब्जियों के निर्यात में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसका निर्यात बढ़कर 1,779 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1,754 करोड़ रुपये था. हालांकि, ताजी सब्जियों का निर्यात घटकर 1,504 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 1,694 करोड़ रुपये था. इस तरह पहली तिमाही में जहां भैंस के मांस, नॉन-बासमती चावल और दालों के निर्यात में मजबूत बढ़त देखने को मिली, वहीं ताजे फल, सब्जियां, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई.

इन कृषि उत्पादों के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई

Published: 31 Jul, 2026 | 08:15 AM

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