बढ़ती कीमतों के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 100 केंद्रीय भंडार स्टोर पर मिलेगा 35 रुपये किलो प्याज

Delhi Onion Price: केंद्र सरकार 27 अगस्त से दिल्ली में 35 रुपये किलो प्याज बेचेगी. बढ़ती कीमतों के बीच लोगों को राहत देने के लिए सस्ते प्याज की बिक्री शुरू की जा रही है. जल्द ही इसे एनसीआर और दूसरे शहरों तक भी पहुंचाया जाएगा.

नोएडा | Published: 26 Aug, 2026 | 04:46 PM

Subsidised Onion: प्याज की बढ़ती कीमतों ने इन दिनों आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. कई शहरों में प्याज 55 से 60 रुपये किलो तक बिक रहा है. इसी बीच केंद्र सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए सस्ता प्याज बेचने का फैसला किया है. दिल्ली में गुरुवार 27 अगस्त से प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाएगा. सरकार का कहना है कि इस कदम से बाजार में बढ़ी कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.

दिल्ली में 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज

केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी दिल्ली में सब्सिडी वाले प्याज की बिक्री की शुरुआत करेंगे. एनसीसीएफ के प्रबंध निदेशक अनीस जोसेफ चंद्रा ने पीटीआई को बताया, “हम कल दिल्ली में बिक्री शुरू करेंगे और सप्ताहांत तक इसे एनसीआर क्षेत्र में भी शुरू कर दिया जाएगा.” सरकार अपने बफर स्टॉक में रखे प्याज को बाजार में उतारेगी. 2026 के लिए देश के अलग-अलग प्याज उत्पादक राज्यों में करीब 1.21 लाख टन प्याज का भंडार रखा गया है. इसी स्टॉक से लोगों को सस्ता प्याज उपलब्ध कराया जाएगा. सस्ते प्याज की बिक्री के लिए सरकार ने NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार को जिम्मेदारी दी है.

NCCF के पास करीब 62 हजार टन प्याज का स्टॉक है. इसमें से 400 टन प्याज महाराष्ट्र के नासिक से दिल्ली भेजा जा रहा है. प्याज को जल्दी दिल्ली पहुंचाने के लिए खास ‘कांदा एक्सप्रेस’ का इस्तेमाल किया जा रहा है. पहली ट्रेन में करीब 800 टन प्याज दिल्ली के लिए भेजा गया है.

100 केंद्रीय भंडार स्टोर पर बिक्री

NCCF दिल्ली में करीब 100 केंद्रीय भंडार स्टोर के जरिए प्याज बेचने की तैयारी कर रहा है. इसके अलावा मदर डेयरी के करीब 300 आउटलेट्स पर भी बिक्री शुरू करने को लेकर बातचीत चल रही है. लोगों तक प्याज आसानी से पहुंचाने के लिए मोबाइल वैन भी लगाई जाएंगी. शुरुआत में 15 मोबाइल वैन चलेंगी और जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाकर 40 करने की योजना है.

दिल्ली के बाद इन शहरों में भी पहुंचेगा सस्ता प्याज

सरकार की योजना सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है. रेलवे के जरिए प्याज की खेप चंडीगढ़, लुधियाना, वाराणसी और दूसरे शहरों में भी भेजी जाएगी. चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी विशेष रेलवे रैक के जरिए प्याज पहुंचाने की तैयारी है. NAFED भी दिल्ली के साथ कोच्चि और गुवाहाटी जैसे केंद्रों पर प्याज बेचने की योजना बना रहा है.

एक महीने में 28 फीसदी बढ़े प्याज के दाम

प्याज के दाम बढ़ने के पीछे हाल के दिनों में मांग और सप्लाई से जुड़ी कई वजहें बताई जा रही हैं. 25 अगस्त को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 44.72 रुपये किलो पहुंच गई, जो एक महीने पहले 34.80 रुपये किलो थी. यानी करीब 28 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. एक साल पहले औसत कीमत 28.67 रुपये किलो थी. इस हिसाब से सालभर में प्याज करीब 56 फीसदी महंगा हो चुका है. चेन्नई और कोलकाता में प्याज 60 रुपये किलो, दिल्ली में 55 रुपये, मुंबई में 48 रुपये और रांची में करीब 38 रुपये किलो तक पहुंच गया है.

सरकार ने कहा- प्याज की कमी नहीं

कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है. 2025-26 में प्याज का उत्पादन करीब 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 307.67 लाख टन उत्पादन के लगभग बराबर है. सरकार के मुताबिक अगस्त-सितंबर में प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी अक्सर देखने को मिलती है. त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग, मौसम में बदलाव, सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतों और खपत के पैटर्न में बदलाव का असर भी कीमतों पर पड़ता है. ऐसे में बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारकर सरकार कीमतों को काबू में रखने और आम लोगों को राहत देने की कोशिश कर रही है.

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