अचानक सस्ता हुआ अंडा-चिकन, कीमतों में भारी गिरावट.. जानें क्यों घटा रेट

अंडा-चिकन की मांग घटने से कीमतों में नरमी आई है. ब्रॉयलर चिकन 90-95 किलो और अंडा 6-6.50 रुपये तक बिक रहा है. हालांकि, अंडे के भाव पिछले साल से ऊंचे हैं. श्रावण खत्म होते ही मांग बढ़ने पर कीमतों में फिर उछाल आ सकता है.

नोएडा | Published: 25 Aug, 2026 | 10:55 AM

Poultry Market: अंडा-चिकन की मांग घटने से पोल्ट्री बाजार में नरमी देखने को मिल रही है. पिछले महीने के ऊंचे स्तर से अंडे और चिकन के दाम नीचे आए हैं. हालांकि, अंडे की कीमतें अभी भी पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले ऊंची बनी हुई हैं. कारोबारियों का मानना है कि श्रावण खत्म होने के बाद मांग बढ़ने पर पोल्ट्री उत्पादों के भाव फिर चढ़ सकते हैं.

श्रावण में कमजोर हुई चिकन और अंडे की मांग

बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, पोल्ट्री बाजार में मौजूदा नरमी की सबसे बड़ी वजह श्रावण महीने में मांग में आई कमी को माना जा रहा है. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मांसाहार से परहेज करते हैं, जिसका सीधा असर ब्रॉयलर चिकन और अंडे की बिक्री पर पड़ता है. पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव रिकी थापर के अनुसार, श्रावण के कारण ब्रॉयलर चिकन की कीमतें करीब 90-95 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई हैं. वहीं, अंडों का थोक एक्स-फार्म भाव स्थान के हिसाब से लगभग 6-6.50 रुपये प्रति पीस चल रहा है.

महीने भर पहले के मुकाबले कीमतों में राहत

श्रावण से पहले पोल्ट्री उत्पादों  की मांग मजबूत रहने के कारण अंडे और चिकन दोनों के दाम ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे. अब मांग में कमी के चलते बाजार में कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है. हालांकि, मौजूदा गिरावट को स्थायी गिरावट के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. पोल्ट्री कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह मुख्य रूप से मौसमी मांग में आई कमी है. जैसे-जैसे श्रावण का दौर समाप्त होगा और उपभोक्ताओं की सामान्य खपत वापस आएगी, बाजार में तेजी लौट सकती है.

पिछले साल से अभी भी महंगा बिक रहा अंडा

मौजूदा समय में अंडे के भाव भले ही पिछले महीने की तुलना में नरम हुए हैं, लेकिन सालाना आधार पर तस्वीर अलग है. बिजनेस लाइन के अनुसार, श्रीनिवासा फार्म्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेश चित्तूरी ने कहा कि अंडे की कीमतें  अभी भी पिछले साल की समान अवधि से ऊपर बनी हुई हैं. इसका मतलब है कि बाजार में फिलहाल पूरी तरह कीमतों में गिरावट का रुझान नहीं है. मांग में मौसमी कमजोरी के बावजूद उत्पादन लागत, आपूर्ति और पिछले महीनों के बाजार रुझान भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं.

श्रावण के बाद फिर बढ़ सकती है मांग

पोल्ट्री बाजार के लिए अगला अहम चरण श्रावण के समाप्त होने के बाद शुरू होगा. मांग सामान्य होने पर चिकन और अंडे की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है. इससे कीमतों पर भी दोबारा दबाव बन सकता है. खासकर ब्रॉयलर चिकन  की मांग बढ़ने पर फार्म-गेट कीमतों में सुधार की संभावना जताई जा रही है. कारोबारियों के लिए आने वाले सप्ताह इसलिए महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि बाजार यह तय करेगा कि मौजूदा नरमी केवल श्रावण की वजह से है या इसके बाद भी कीमतों में स्थिरता बनी रहती है. फिलहाल उपभोक्ताओं को चिकन और अंडे के भाव में राहत मिली है, लेकिन यह राहत कितने समय तक रहेगी, इसका संकेत श्रावण के बाद मांग की वापसी से मिलेगा.

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