ब्रॉयलर चिकन हुआ महंगा, कीमत में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी.. इस वजह से बढ़ा रेट

भीषण गर्मी के कारण बड़ी संख्या में ब्रॉयलर मुर्गियों की मौत होने से बाजार में चिकन की सप्लाई घट गई है. इसके चलते पिछले एक महीने में जिंदा ब्रॉयलर का भाव 100 से बढ़कर 150 रुपये प्रति किलो हो गया, जबकि कई बाजारों में खुदरा चिकन की कीमत 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है.

Kisan India
नोएडा | Published: 16 Jul, 2026 | 12:56 PM

भीषण गर्मी का असर अब चिकन की कीमतों पर भी दिखने लगा है. खासकर तमिलनाडु में पिछले एक महीने में ब्रॉयलर चिकन के दाम तेजी से बढ़े हैं. जिंदा ब्रॉयलर का भाव करीब 50 रुपये प्रति किलो बढ़ गया है, जिसके बाद कई बाजारों में चिकन का खुदरा दाम 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि तेज गर्मी की वजह से बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत हुई है. इससे बाजार में चिकन की सप्लाई कम हो गई, जबकि मांग पहले जैसी बनी हुई है. इसी कारण कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है.

पल्लादम की ब्रॉयलर कोऑर्डिनेशन कमेटी (BCC) के अनुसार, जून में जिंदा ब्रॉयलर का भाव करीब 100 रुपये प्रति किलो था. लेकिन पिछले एक महीने में कीमतों में तेजी आई और जुलाई के मध्य तक यह बढ़कर करीब 150 रुपये प्रति किलो पहुंच गया. BCC रोजाना बाजार की स्थिति के आधार पर जिंदा ब्रॉयलर की कीमत  तय करती है. बीसीसी के सचिव के. स्वाति कन्नन ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि इस साल गर्मी के कारण मुर्गियों की मौत सामान्य से कहीं ज्यादा हुई है. इससे सप्लाई घट गई, जबकि स्थानीय बाजार में मांग बनी रही, जिसके चलते चिकन के दाम बढ़ गए हैं.

बीमार पड़ने से मुर्गियों की हो रही मौत

कोयंबटूर के ब्रॉयलर किसान आर. नंदकुमार ने कहा कि सामान्य तौर पर हर 10,000 मुर्गियों में करीब 1,000 मुर्गियां बीमारी, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता या मौसम की वजह से मर जाती हैं. लेकिन इस साल भीषण गर्मी के कारण करीब 2,000 मुर्गियों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान मुर्गियों के शुरुआती पालन के दौरान हुआ, जिससे उत्पादन भी प्रभावित हुआ.

इस वजह से चिकन की कीमतों में तेजी आई

ब्रॉयलर कोऑर्डिनेशन कमेटी (BCC) के सचिव के. स्वाति कन्नन ने कहा कि गर्मी का असर अब बाजार में दिखाई दे रहा है. जुलाई में बिकने वाली ज्यादातर मुर्गियां गर्मियों के सबसे गर्म दिनों में पैदा हुई थीं. चूंकि ब्रॉयलर मुर्गियों को बाजार तक पहुंचने लायक वजन हासिल करने में करीब 40 दिन लगते हैं, इसलिए उस समय हुई मौतों की वजह से अब बाजार में चिकन की आवक कम हो गई है. यही कारण है कि चिकन की कीमतों में तेजी आई है.

अंडे की कीमत में भी बढ़ोतरी

बता दें कि तमिलनाडु में केवल चिकन ही नहीं महंगा हुआ है, बल्कि अंडे के रेट भी बढ़ गए हैं. नामक्कल में अंडे  की थोक कीमत इस साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पशु आहार (फीड) महंगा होने, परिवहन खर्च बढ़ने, उत्पादन कम होने और मांग बढ़ने की वजह से अंडों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. उद्योग के प्रतिनिधियों का कहना है कि अगर अगले कुछ हफ्तों में अंडों का उत्पादन नहीं बढ़ा, तो थोक बाजार में एक अंडे की कीमत 7 रुपये से ज्यादा हो सकती है. इसका असर खुदरा बाजार पर भी पड़ेगा और एक अंडा 8 रुपये से अधिक में बिक सकता है.

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