खरीफ फसलों की बुवाई पर कृषि मंत्री का बड़ा बयान, 15 अगस्त तक पूरी हो सकती है कमी

Kharif Sowing 2026: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खरीफ फसलों की बुवाई का समय अभी मध्य अगस्त तक है, इसलिए मौजूदा कमी की भरपाई हो सकती है. सरकार मॉनसून और बुवाई की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है तथा किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और अन्य जरूरी कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 16 Jul, 2026 | 12:04 PM

Kharif Crop Sowing: देश के कई हिस्सों में इस बार मॉनसून की शुरुआत धीमी रही, जिसका असर खरीफ फसलों की बुवाई पर भी देखने को मिला. लेकिन किसानों के लिए राहत की खबर है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि, अभी चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई का समय मध्य अगस्त तक रहता है. अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो मौजूदा कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है.

सरकार का कहना है कि वह मॉनसून की स्थिति और बुवाई की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है. साथ ही किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और खेती से जुड़ी दूसरी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि खेती का काम प्रभावित न हो.

जुलाई की बारिश से बढ़ी उम्मीद

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने बताया कि जून महीने में देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हुई थी. हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों को राहत मिली है. उन्होंने कहा कि मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 20 जुलाई के बाद देश के कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. अगर ऐसा होता है तो धान, दालें, तिलहन और दूसरी खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी और मौजूदा कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी.

सरकार ने किसानों को दिया भरोसा

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की जरूरतों का पूरा ध्यान रख रही है. किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसी भी किसान को खेती के दौरान जरूरी संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े, ताकि उत्पादन पर ज्यादा असर न पड़े.

अब तक कितनी हुई खरीफ की बुवाई?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई तक देश में 531.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है. यह खरीफ सीजन के कुल सामान्य रकबे 1,104.46 लाख हेक्टेयर का करीब 48 प्रतिशत है. हालांकि, पिछले साल इसी समय तक 632.69 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी. यानी इस बार अब तक करीब 16 प्रतिशत कम बुवाई हुई है.

इसकी सबसे बड़ी वजह कम बारिश मानी जा रही है. मौसम विभाग के मुताबिक 1 जून से अब तक देश में 227 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस दौरान सामान्य तौर पर 294.2 मिमी बारिश होती है. यानी अब तक करीब 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है.

यही नहीं, देश के 21 मौसम क्षेत्रों में अब भी सामान्य से 20 प्रतिशत या उससे ज्यादा बारिश की कमी बनी हुई है. कम बारिश के कारण कई राज्यों में किसान समय पर खरीफ फसलों की बुवाई नहीं कर पाए हैं, जिससे खेती पर असर पड़ा है.

अच्छी बारिश से सुधर सकती है स्थिति

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जुलाई के दूसरे पखवाड़े में अच्छी बारिश होती है, तो खरीफ फसलों की बुवाई तेजी से आगे बढ़ेगी. खासकर धान, दालें और तिलहन जैसी फसलों का रकबा बढ़ सकता है, जिससे उत्पादन पर पड़ने वाला असर भी कम होगा. फिलहाल सरकार और मौसम विभाग दोनों लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं. किसानों को भी सलाह दी जा रही है कि मौसम की जानकारी के अनुसार बुवाई करें और कृषि विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करें. आने वाले कुछ हफ्ते खरीफ सीजन के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं.

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Published: 16 Jul, 2026 | 12:00 PM

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