लाडली बहनों को बड़ी सौगात! 2030-31 तक जारी रहेगी योजना, सरकार ने मंजूर किए 1.14 लाख करोड़ रुपये

Ladli Behna Yojana: मध्यप्रदेश सरकार ने लाडली बहना योजना को 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,14,365 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इसके साथ लाडली लक्ष्मी योजना के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये, कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 870.16 करोड़ रुपये तथा नर्मदा संरक्षण के लिए ‘नमन मिशन’ को मंजूरी दी गई है.

नोएडा | Published: 19 Aug, 2026 | 08:25 AM

MP Cabinet Decisions: मध्यप्रदेश सरकार ने महिलाओं, बेटियों, कृषि और पर्यावरण से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लाडली बहना योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार ने योजना के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की है. इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना, कृषि शिक्षा और अनुसंधान तथा नर्मदा नदी के संरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले किए गए हैं.

लाडली बहना योजना के लिए 1.14 लाख करोड़ रुपये

मध्यप्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया है. इसके लिए 2026-27 से 2030-31 तक कुल 1,14,365 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है. फिलहाल करीब 1.27 करोड़ महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं.

सरकार का कहना है कि, योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करना और परिवार से जुड़े फैसलों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है. नई मंजूरी से साफ है कि सरकार आने वाले वर्षों में भी इस योजना को जारी रखने की तैयारी में है.

लाडली लक्ष्मी योजना पर भी बड़ा खर्च

बेटियों के भविष्य को बेहतर बनाने वाली लाडली लक्ष्मी योजना को भी 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है. इसके लिए 16,326.47 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. अब तक करीब 50.99 लाख बालिकाएं इस योजना का लाभ ले चुकी हैं. योजना में पढ़ाई के अलग-अलग पड़ाव पर मध्यप्रदेश की बेटियों को आर्थिक सहायता दी जाती है. कक्षा 6वीं में प्रवेश पर 2 हजार रुपये, 9वीं में 4 हजार रुपये और 11वीं व 12वीं में 6-6 हजार रुपये की मदद दी जाती है. कॉलेज में प्रवेश लेने पर प्रथम और अंतिम वर्ष में 12,500-12,500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. इसके अलावा पात्र बालिका के 21 वर्ष की आयु पूरी करने पर 1 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है.

कृषि शिक्षा और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

मंत्रि-परिषद ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये मंजूर किए हैं. इसमें जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर की स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए 310.23 करोड़ रुपये और राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर की ब्लॉक ग्रांट योजना के लिए 469.93 करोड़ रुपये शामिल हैं. इसके अलावा कृषि क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के लिए 90 करोड़ रुपये रखे गए हैं. इस राशि का इस्तेमाल विश्वविद्यालयों में अनुसंधान, प्रशिक्षण, प्रयोगशालाओं और दूसरी जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा.

नर्मदा संरक्षण के लिए बनेगा ‘नमन मिशन’

बैठक में नर्मदा नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ. सरकार ने ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ यानी ‘नमन मिशन’ बनाने को मंजूरी दी है. इस मिशन के जरिए नर्मदा की सफाई, जल प्रवाह और नदी के आसपास के क्षेत्रों के संरक्षण पर काम किया जाएगा. इसे वैज्ञानिक और कई विभागों को साथ लेकर चलने वाली व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाएगा. सरकार के मुताबिक, प्रदेश की करीब 33 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नर्मदा और उसके जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर है.

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