महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों ने एनालॉग पनीर समेत अन्य घटिया दूध उत्पादों की बिक्री और निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है. रोक के बाद देशभर में जांच अभियान चलाए जा रहे हैं और सैंपल्स लेकर जांच की जा रही है. हर जगह से सैंपल्स के नतीजे चिंताजनक मिले हैं. छत्तीसगढ़ के महासमुंद और मध्य प्रदेश के झाबुआ समेत अन्य जिलों में छापेमारी में हजारों किलो घटिया दूध उत्पाद पाए गए हैं. जबकि, उत्तर प्रदेश के मथुरा, गाजियाबाद समेत अन्य जिलों में छापेमारी के दौरान सेहत से खिलवाड़ करने वाले दूध उत्पादों ने चिंता बढ़ाई है.
मथुरा में केमिकल से पनीर बनाने का भंडाफोड़
उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के शेरगढ़ क्षेत्र के हुसैनी गांव में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी पनीर बनाने वाली इकाई पर छापा मारा. सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. जतिन कुमार सिंह को मिली गोपनीय सूचना के बाद मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने सोनू कुमार की पनीर निर्माण इकाई की जांच की. मौके पर पनीर को सफेद करने के लिए टिनोपाल और रंगकाट यानी सोडियम हाइड्रो सल्फेट का इस्तेमाल किया जा रहा था. टीम को स्किम्ड मिल्क पाउडर, 80 किलो रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, सोयाबीन, 20 किलो टिनोपाल और 12 किलो रंगकाट मिला. खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके से करीब 500 किलो दूषित पनीर और दो हजार किलो दूषित दूध नष्ट कराया. नष्ट किए गए सामान की कीमत करीब सवा दो लाख रुपये बताई गई है.
हापुड़ में मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग की कार्रवाई
यूपी में हापुड़ के रामपुर गांव में खाद्य विभाग ने मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 150 किलो पनीर नष्ट कराया. सहायक खाद्य आयुक्त चंद्रशेखर मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने पनीर और क्रीम के नमूने भी लिए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है. विभाग ने कहा कि मिलावट कर मुनाफा कमाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी. जांच अभियान के दौरान कई संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर मौके से भाग निकले.
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गाजियाबाद में नकली पनीर फैक्ट्री पर खाद्य विभाग का छापा
यूपी में गाजियाबाद के शांतिनगर इलाके में खाद्य विभाग की टीम ने नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री पर छापेमारी की. मौके से बड़ी मात्रा में सोयाबीन, संदिग्ध केमिकल, गंदे पानी से भरे ड्रम और उसी पानी में रखा पनीर बरामद हुआ. फैक्ट्री में भारी गंदगी के बीच पनीर तैयार किया जा रहा था. पैकेजिंग मशीन भी मिली, जबकि नेस्ले के नाम से मिले उत्पादों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट अंकित नहीं थी. खाद्य विभाग ने नमूने लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है. दो दिन पहले भी भोजपुर क्षेत्र में छापेमारी कर नकली पनीर और मावा नष्ट कराया गया था.
झाबुआ में कई लीटर गटिया जांच के लिए नमूना भोपाल भेजा
मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन डॉ. मोहन यादव द्वारा संपूर्ण प्रदेश में डेयरी एनालॉग एवं पनीर जैसे दिखने वाले अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार पनीर निर्माण एवं विक्रय इकाइयों के निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है. झाबुआ में छापेमारी के दौरान 9 हजार रुपये से ज्यादा कीमत के घटिया दूध उत्पाद मिले हैं, जिनमें प्रतिबंधित एनालॉग पनीर, घी शामिल हैं. विक्रेताओं पर जुर्माना संस्थान बंद करने की कार्रवाई की गई है.
छत्तीसगढ़ में पनीर प्लांट पर छापा, घटिया उत्पाद जब्त
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले एनालॉग पनीर के निर्माण की शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. महासमुंद कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर के नेतृत्व में राजस्व, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने भलेसर स्थित वैद्य फूड्स प्रोडक्ट में छापामार कार्रवाई की. टीम ने मौके से करीब 300 किलो पनीर जब्त कर सील किया है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर एनालॉग पनीर के निर्माण से संबंधित किसी सामग्री की पुष्टि नहीं हुई है.