बाढ़ पीड़ित किसानों-ग्रामीणों के लिए 1000 करोड़ का राहत पैकेज जारी, फसलों के लिए 25 हजार मुआवजा
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 1000 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है. किसानों को फसल नुकसान पर 8,500 से 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता मिलेगी, जबकि पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त धन भी उपलब्ध कराया जाएगा.
Odisha Flood Relief Package: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1000 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है. जाजपुर और भद्रक जिलों का हवाई और जमीनी सर्वेक्षण करने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों, बागवानी उत्पादकों और आम लोगों को आर्थिक सहायता दी जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराएगी ताकि राहत और पुनर्वास कार्य प्रभावित न हों.
छोटे और सीमांत किसानों को फसल नुकसान का मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने बताया कि गैर-सिंचित क्षेत्रों में फसल या बागवानी नुकसान झेलने वाले छोटे और सीमांत किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी. वहीं सिंचित क्षेत्रों में फसल क्षति पर 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा मिलेगा. इसके अलावा आम, नारियल, सुपारी और अन्य बहुवर्षीय फसलों को हुए नुकसान के लिए 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता निर्धारित की गई है. राज्य सरकार का कहना है कि इस पैकेज का उद्देश्य किसानों को जल्द राहत देकर अगली खेती के लिए तैयार करना है.
9.40 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित
राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से 9.40 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. बैतरणी और ब्राह्मणी नदियों का जलस्तर बढ़ने से जाजपुर और भद्रक जिलों के कई गांव अब भी जलमग्न हैं. दोनों जिलों में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है, जहां हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रशासन राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था कर रहा है. कई इलाकों में नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है.
मुख्यमंत्री ने गांवों में पहुंचकर लिया हालात का जायजा
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जाजपुर जिले के कसापा और तरपड़ा ग्राम पंचायत का दौरा किया. उन्होंने रामचंद्रपुर, बलदा और दोभाभिल गांवों के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. इसके बाद मुख्यमंत्री नाव से भद्रक जिले के तिहिडी ब्लॉक स्थित ईश्वरपुर गांव पहुंचे और जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया. इस दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल भी उनके साथ मौजूद रहे.
पहले 110 करोड़, अब बढ़ाकर 1000 करोड़ का विशेष पैकेज
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 4 अगस्त को जिला कलेक्टरों की प्रारंभिक क्षति रिपोर्ट के आधार पर 110 करोड़ रुपये का शुरुआती राहत पैकेज घोषित किया गया था. विस्तृत सर्वेक्षण के बाद अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये कर दिया है. राज्य सरकार का कहना है कि राहत पैकेज के तहत फसल नुकसान, बागवानी क्षति, बुनियादी ढांचे की मरम्मत और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर प्राथमिकता से खर्च किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र लाभार्थियों तक सहायता शीघ्र पहुंचाई जाए और किसी भी प्रभावित परिवार को राहत से वंचित न रखा जाए.