पीएम किसान को लेकर बड़ा अपडेट, 6 साल में 51 फीसदी कम हो गए लाभार्थी.. ये है वजह

पंजाब में पीएम-किसान योजना के लाभार्थियों की संख्या पिछले 6 साल में 51 फीसदी घट गई है. इसका कारण सख्त सत्यापन प्रक्रिया, जमीन सीडिंग, आधार-बैंक लिंकिंग और ई-KYC है. राज्य सरकार ने डेटा अपलोड और सत्यापन के लिए कैंप और कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधा दी है, ताकि लाभ केवल पात्र किसानों तक पहुंचे.

नोएडा | Updated On: 18 Mar, 2026 | 02:56 PM

PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) के लाभार्थियों की संख्या में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है. लेकिन पंजाब में लाभार्थियों की संंख्या में ये गिरावट कुछ ज्यादा ही आई है. पंजाब में पिछले 6 साल में पीएम किसान के लाभार्थी 51 फीसदी तक कम हो गए हैं. खास बात यह है कि इसकी जानकारी खुद केंद्र सरकार ने लोकसभा में दी है. दरअसल, पीएम किसान योजना की शुरुआत साल 2019 में हुई थी, तब पंंजाब 23.01 लाख किसान इसका लाभ ले रहे थे. लेकिन 2025 तक यह संख्या 11.34 लाख रह गई, यानी लगभग 11.67 लाख पीएम किसान के लाभार्थी कम हो गए.

लाभार्थियों की संख्या में गिरावट और इसके कारणों पर पूछे गए सवालों के जवाब में केंद्र सरकार ने कहा कि योजना के लाभ केवल पात्र किसानों तक पहुंचें, इसके लिए कई अनिवार्य नियम लागू किए गए हैं. इन नियमों को पूरा करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है. योजना के लाभ उन किसानों को दिए जाते हैं जिनका डेटा राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा पीएम-किसान पोर्टल  पर अपलोड और सत्यापित किया गया हो.

पंजाब में 23.01 लाख किसानों ने चौथी किस्त का लाभ उठाया

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में 23.01 लाख किसानों ने चौथी किस्त (दिसंबर 2019- मार्च 2020) का लाभ उठाया था.  जबकि 20वीं किस्त की राशि केवल 11.34 लाख किसानों के खातों में पहुंची थी, जो राज्य द्वारा सत्यापित और मंजूर किए गए लाभार्थियों की संख्या पर आधारित है. हालांकि, केंद्र ने समय के साथ पीएम-किसान योजना में कुछ अनिवार्य नियम लागू किए. 12वीं किस्त के समय से किसानों की जमीन की जानकारी राज्य रिकॉर्ड से जांचने के लिए जमीन सीडिंग जरूरी कर दी गई.  वहीं, 13वीं किस्त से आधार आधारित भुगतान अनिवार्य किया गया, ताकि रकम सीधे किसानों के बैंक खाते में पहुंचे. इसी तरह  15वीं किस्त से ई-KYC करना जरूरी हो गया, ताकि लाभार्थियों की पहचान और सक्रिय स्थिति सत्यापित की जा सके.

पंजाब में 1.34 लाख किसानों ने ई-KYC पूरी नहीं की

सरकार का कहना है कि पंजाब में अभी तक लगभग 1.46 लाख किसानों ने जमीन सीडिंग  पूरी नहीं की है. वहीं, 1.34 लाख किसानों ने ई-KYC पूरी नहीं की है और 46,106 किसानों ने अपना आधार बैंक खाते से लिंक नहीं किया है. यही वजह है कि पंजाब में पीएम किसान के लाभार्थियों की संख्या में गिरावट आ रही है. पंजाब कृषि विभाग के निदेशक जीएस ब्रार ने मीडिया से कहा कि राज्य की तरफ से कोई देरी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि पीएम-किसान योजना के तहत अनिवार्य नियमों को अपडेट करने में कोई देरी नहीं हुई. हम गांव स्तर पर कैंप आयोजित कर रहे हैं, ताकि किसानों का डेटा पोर्टल पर अपलोड हो सके. हाल ही में हमने कॉमन सर्विस सेंटर को भी डेटा अपलोड करने की अनुमति दी है. किसान अपने नजदीकी सहकारी समितियों में जाकर ई-KYC भी पूरा कर सकते हैं.

क्या है पीएम किसान योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत किसानों को आर्थिक सहायता  दी जाती है. इस योजना के तहत पात्र किसानों के बैंक खाते में हर साल 6000 रुपये की राशि भेजी जाती है. यह पैसा तीन किस्तों में दिया जाता है और हर चार महीने के अंतराल पर 2000-2000 रुपये सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं. इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती के खर्च में आर्थिक सहारा देना है.

Published: 18 Mar, 2026 | 02:54 PM

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