हरियाणा सरकार नारायणगढ़ में मॉडल टाउनशिप विकसित करने जा रही है और इसके लिए इलाके के किसानों की 450 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की जा रही है. इसको लेकर कुछ किसानों मुआवजा दर को असंतोष दिखाया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किसानों को बैठक के लिए बुलाया. मुख्यमंत्री नायब सैनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में मुआवजे पर फंसे पेंच और मुआवजा दरों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और किसानों के साथ सहमति बन गई है.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और नारायणगढ़ में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) प्रोजेक्ट के लिए सरकारी दरों पर लगभग 450 एकड़ जमीन देने पर किसानों ने सहमति जताई. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से न केवल इस क्षेत्र में विकास को गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि राज्य के औद्योगिक आधार को भी मजबूती मिलेगी. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के दौरान जमीन की दरों पर विस्तार से चर्चा की गई.
अंबाला की तर्ज पर नारायणगढ़ में टाउनशिप
प्रवक्ता ने कहा कि किसानों ने इन दरों पर अपनी सहमति दे दी है, जिससे IMT के लिए जमीन की उपलब्धता का रास्ता साफ हो गया है. मुख्यमंत्री ने किसानों के सहयोग की सराहना की और कहा कि इस पहल से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि अंबाला में एक IMT पर काम पहले से ही तेजी से चल रहा है, और नारायणगढ़ में भी इसी तरह की सुविधा होने से औद्योगिक विकास को और अधिक बढ़ावा मिलेगा.
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि अंबाला क्षेत्र को गुरुग्राम की तर्ज पर एक आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. मुख्यमंत्री ने बताया कि मानेसर, बावल, रोहतक, फरीदाबाद, सोहना, खरखौदा और अंबाला में IMT स्थापित करने का काम पहले से ही प्रगति पर है.
मुख्यमंत्री ने कहा किसानों ने मुआवजा दरों पर सहमति जताई है
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि नारायणगढ़ में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) की स्थापना हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस सम्बन्ध में नारायणगढ़ क्षेत्र के किसानों के प्रतिनिधिमंडल से हुई भेंट अत्यंत सकारात्मक रही. आईएमटी के लिए किसानों से भूमि की दरों के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई और अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि किसानों ने सरकार द्वारा तय की गई दरों पर सहमति जताई. इससे नारायणगढ़ में लगभग 450 एकड़ भूमि उपलब्ध होगी.