सीड एक्ट में सख्ती, पराली समेत कई बिंदुओं पर चर्चा.. किसान नेताओं और कृषि मंत्री शिवराज सिंह की बैठक
Seed Act Rules : किसान महापंचायत के नेता राजेश धाकड़ ने किसान इंडिया को बताया कि वह सीड एक्ट में सख्ती बढ़ाने को लेकर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि कीटनाशक दवाओं पर डीलरशिप की मोनोपोली समाप्त करना जरूरी है.
बीज माफियाओं पर शिकंजा कसने और घटिया बीजों की बिक्री के तंत्र को पूरी तरह तोड़ने के लिए केंद्र सरकार नए बदलावों के साथ ही सीड एक्ट लाने जा रही है. इसके लिए आज 10 सितंबर को देशभर के किसान नेताओं के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बैठक कर रहे हैं. इस दौरान बीजों की समस्याओं और घटिया, नकली बिक्री, निर्माण और सप्लाई समेत कई बिंदुओं पर मंथन होगा और फैसले लिए जाएंगे. बैठक में शामिल होने वाले किसान नेता राजेश धाकड़ ने किसान इंडिया को बताया कि वह बीज माफियाओं पर सख्ती के लिए जुर्माना राशि और सजा बढ़ाने की मांग करेंगे और इसे लागू कराने पर जोर देंगे.
किसान महापंचायत मध्य प्रदेश के अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने बताया कि वह आज शाम 4 बजे केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ बीज एक्ट को लेकर प्रस्ताविक बैठक में कई बिंदुओं पर बात करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कीटनाशक दवाओं पर डीलरशिप की मोनोपोली समाप्त करना जरूरी है.
जिस प्रकार मेडिकल स्टोर पर विभिन्न कंपनियों की दवाएं उपलब्ध रहती हैं, उसी प्रकार प्रत्येक अधिकृत कीटनाशक विक्रेता के पास विभिन्न कंपनियों की कीटनाशक दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए. कंपनियों द्वारा किसी एक शहर अथवा क्षेत्र में केवल एक डीलर को उत्पाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था से उत्पन्न मोनोपोली को समाप्त किया जाए, ताकि किसानों को उचित मूल्य पर अपनी आवश्यकता के अनुसार दवा उपलब्ध हो सके.
24 फसलों के प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएं
सरकारी समितियों एवं संबंधित कृषि संस्थाओं के माध्यम से 24 प्रमुख फसलों के प्रमाणित एवं उच्च गुणवत्ता वाले बीज किसानों को समय पर उपलब्ध कराए जाएं. सीमांत एवं छोटे किसानों के लिए टोकन व्यवस्था लागू कर बीज वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि बुवाई के समय किसानों को बीज के लिए परेशान न होना पड़े.
हर ग्राम पंचायत में कृषि विस्तार अधिकारी की नियुक्ति की जाए
कृषि विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण किसानों को कृषि संबंधी योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन एवं सरकारी सुविधाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता है. इसलिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सेवक या कृषि विस्तार अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जिससे किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि संबंधी मार्गदर्शन एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके.
किसान नेता राजेश धाकड़ बैठक में शिवराज सिंह को ये चिट्ठी सौपेंगे.
पराली प्रबंधन की कृषि मशीनरी पर 70 फीसदी सब्सिडी दी जाए
किसान नेता राजेश धाकड़ ने कहा कि पराली प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, बेलर सहित अन्य आवश्यक कृषि यंत्रों पर कम से कम 70 फीसदी सब्सिडी दी जाए. प्रत्येक जिले में कम से कम 500 किसानों का लक्ष्य/कोटा एक चरण में रखा जाए. वर्तमान लॉटरी या ड्रॉ व्यवस्था को समाप्त कर ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए कि पात्र किसान द्वारा आवेदन किए जाने पर उपलब्ध बजट एवं पात्रता के अनुसार उसे सीधे सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराया जा सके.