Sugar Price: सस्ती होने वाली है चीनी? बाजार में 2.5 लाख टन शक्कर उतारने की तैयारी में सरकार

Sugar Supply : त्योहारी मौसम से पहले आपूर्ति बढ़ाकर चीनी की कीमतों पर अंकुश लगाने की सरकारी कोशिशें जारी हैं. इसके तहत अब मिलें 2.5 लाख टन शक्कर बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं.

नोएडा | Updated On: 9 Sep, 2026 | 07:38 PM

बीते कई सप्ताह से चीनी के बढ़े दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ रखा है. अब सरकार चीनी के दाम नीचे लाने के लिए बाजार में 2.5 लाख टन चीनी सप्लाई करने की तैयारी है. इतनी बड़ी मात्रा में बाजार में चीनी आने से कीमतों में गिरावट की उम्मीद को बल मिलता दिख रहा है. बता दें कि चीनी के दाम नीचे लाने के लिए केंद्र सरकार ने निर्यात पर रोक लगाने के साथ ही आयात करने को मंजूरी दी है. जबकि, घरेलू स्तर पर चीनी स्टॉक लिमिट लागू कर रखी है और रिफाइन चीनी की बिक्री डेडलाइन को भी हटाकर बिल ऑफ एंट्री से 2 महीने तक कर दिया है.

त्योहारी मौसम से पहले आपूर्ति बढ़ाकर चीनी की कीमतों पर अंकुश लगाने की सरकारी कोशिशें जारी हैं. इसके तहत सरकार ने पिछले महीने चीनी रिफाइनरियों को एडवांस लाइसेंसिंग स्कीम (एएलएस) के तहत रिफाइन की गई चीनी को घरेलू बाजार में बेचने का आदेश दिया था. अब देश की चीनी रिफाइनरियां घरेलू बाजार में करीब 2.5 लाख टन सफेद चीनी बेचने की योजना बना रही हैं.

एडवांस लाइसेंसिंग योजना के तहत 2.5 लाख टन चीनी उतारने की तैयारी

श्री रेणुका शुगर्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुशील कुमार ने उद्योग के शीर्ष निकाय इस्मा के कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा कि हमने घरेलू बाजार में करीब 2.5 लाख टन चीनी बेचने की पेशकश की है. उन्होंने कहा कि एडवांस लाइसेसिंग स्कीम के तहत बाजार में चीनी उतारने की योजना है. बता दें देश में श्री रेणुका शुगर्स समेत दो ऐसी चीनी रिफाइनरियां हैं, जो अग्रिम लाइसेंस योजना (एएलएस) के तहत कच्ची चीनी का आयात कर उसे रिफाइन कर निर्यात करती हैं.

मिल स्तर पर चीनी का भाव लुढ़का पर रिटेल कीमत ऊपर

सुशील कुमार ने कहा कि सरकार के इन कदमों के बाद घरेलू चीनी कीमतों में गिरावट आई है. चीनी की मिल स्तर पर कीमत फिलहाल करीब 43-44 रुपये प्रति किलोग्राम है, जो आयातित चीनी की करीब 50 रुपये प्रति किलोग्राम की अनुमानित लागत से कम है.

उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार चीनी का खुदरा मूल्य 9 सितंबर को चीनी की कीमतें 60.31 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई, जो पिछले महीने 46.38 रुपये प्रति किलो थी.

सरकार ने आयात समेत कई कदम उठाए

कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने 10 लाख टन चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देने के साथ थोक उपभोक्ताओं और डीलरों के लिए चीनी के भंडार की सीमा भी कड़ी की है. इसके अलावा रिफाइन चीनी बिक्री की डेडलाइन भी 31 अक्टूबर की बजाय बिल ऑफ एंट्री से 2 महीने तक कर दी है. वहीं, सरकार ने इससे पहले चीनी के निर्यात पर भी रोक लगाई थी.

चीनी की कीमतें ऊपर जाने के लिए मिलें जिम्मेदार

सरकार ने मिलों पर कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि देश में पर्याप्त चीनी भंडार है. हालांकि, उसने विपणन सत्र 2025-26 में चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर 306 लाख टन कर दिया है, जो पहले 343 लाख टन था. देश में चीनी की सालाना घरेलू मांग करीब 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है.

Published: 9 Sep, 2026 | 07:32 PM

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