नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से 600 से ज्यादा मौतें, क्या UP पर भी मंडरा रहा खतरा? सरकार ने दिया जवाब
Nepal Flood Update: नेपाल में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से भारी तबाही के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि फिलहाल राज्य को नेपाल की बाढ़ से कोई खतरा नहीं है. इसके बावजूद यूपी में प्रशासन अलर्ट है. CM योगी ने बलिया में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया और राहत कार्यों की समीक्षा की. नेपाल में 600 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है.
UP Flood Alert: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. इस आपदा का असर पड़ोसी राज्यों में भी चिंता बढ़ा रहा है. हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि नेपाल की बाढ़ से फिलहाल राज्य को कोई खतरा नहीं है. इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि राज्य के सभी बाढ़ प्रभावित जिले सुरक्षित हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
नेपाल की बाढ़ को लेकर यूपी में अलर्ट
उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शनिवार को कहा कि नेपाल में आई बाढ़ से फिलहाल उत्तर प्रदेश के लिए किसी तरह का खतरा नहीं है. उन्होंने बताया कि सरकार नेपाल और राज्य के हालात पर लगातार नजर रख रही है. मंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बाढ़ से निपटने की तैयारियां पहले से ही मजबूत की गई हैं. अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अगर किसी इलाके में स्थिति बिगड़ती है तो तुरंत जरूरी कदम उठाए जा सकें. इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों पर भी खास नजर रखी जा रही है.
2017 के बाद तटबंधों को लेकर सरकार का दावा
स्वतंत्र देव सिंह ने राज्य के तटबंधों की स्थिति को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में तटबंध पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित हुए हैं. उन्होंने कहा कि पहले कई बार तटबंध टूटने से बड़े पैमाने पर नुकसान होता था, लेकिन अब बाढ़ नियंत्रण से जुड़े काम समय पर पूरे किए जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
CM योगी ने बलिया में लिया बाढ़ का जायजा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शनिवार को राज्य में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने बलिया का दौरा कर प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया और राहत सामग्री भी बांटी. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित किसी भी व्यक्ति को परेशानी में नहीं छोड़ा जाएगा. प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रदेश के 26 जिलों में कम या ज्यादा बाढ़ की स्थिति बनी है. इससे 1 लाख 71 हजार से ज्यादा लोग और 251 गांव प्रभावित हुए हैं.
सरकार के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से 1,000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. इसके अलावा राज्य में 447 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जहां से हालात पर नजर रखी जा रही है. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में 24 घंटे मेडिकल टीम, नाव और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जरूरतमंद लोगों और पशुपालकों को समय पर जरूरी मदद मिल सके.
नेपाल में तबाही का मंजर
नेपाल में स्थिति इससे कहीं ज्यादा गंभीर है. नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. कई गांव, सड़कें और पुल बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं. बड़ी संख्या में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के बाद चट्टान, बर्फ, मिट्टी और मलबे का तेज बहाव हिमालयी नदियों में पहुंच गया. इसके बाद अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया. कुछ बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी प्रभावित हुए हैं.
600 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों लापता
नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 2,000 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. ऐसे में राहत टीमों के सामने लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी सामान पहुंचाने की बड़ी चुनौती बनी हुई है.