Yogi Adityanath Farmers Scheme: उत्तर प्रदेश में किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को ज्यादा फायदे का काम बनाने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है. लखनऊ में पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में कृषि उत्पादन बढ़ाने को लेकर एक समझौता हुआ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में खेती के साथ मछली पालन और महिलाओं को भी इससे जोड़ने की बात कही गई. सरकार का लक्ष्य है कि इस पहल का फायदा करीब 10 लाख किसानों, 35 हजार मछली पालक किसानों और 3 लाख महिलाओं तक पहुंचे. इसके तहत करीब 6 लाख हेक्टेयर जमीन को कवर करने की योजना है.
खरीफ के बाद रबी फसलों पर भी फोकस
इस पहल के तहत खरीफ 2026 में करीब 1.75 लाख हेक्टेयर जमीन को शामिल किया गया था. अब रबी सीजन 2026-27 में भी इतने ही क्षेत्र में फसलों की पैदावार बढ़ाने की तैयारी है. रबी में गेहूं, मटर, चना, मसूर और सरसों जैसी प्रमुख फसलों पर खास ध्यान दिया जाएगा. इसका मकसद किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद करना है, ताकि खेती से उनकी कमाई बढ़ सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को केवल फसल पैदा करने तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि व्यवस्था में आर्थिक रूप से मजबूत भागीदार बनाना है.
धान की खेती में बदलेगा तरीका
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि IRRI के साथ साझेदारी के जरिए वैज्ञानिक और जलवायु के अनुकूल कृषि पद्धतियों को किसानों के खेतों तक पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि, खरीफ 2026 के दौरान करीब 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में डायरेक्ट सीडेड राइस यानी DSR तकनीक को अपनाया जा रहा है. इस तरीके में धान की रोपाई करने के बजाय खेत में सीधे बीज बोए जाते हैं. इसके साथ मक्का, बाजरा, ज्वार, अरहर, उड़द, तिल और मूंगफली जैसी फसलों को भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है. इसका मकसद खेती में आधुनिक विज्ञान और यूपी की पारंपरिक कृषि पद्धतियों को जोड़कर किसानों की उत्पादकता और आमदनी बढ़ाना है.
VIDEO | Lucknow: UP CM Yogi Adityanath attends the MoU signing ceremony aimed at increasing agricultural productivity and farmers’ income in eastern Uttar Pradesh and Bundelkhand.
CM Yogi Adityanath (@myogiadityanath) says, “Our goal is to extend its benefits to 1 million… pic.twitter.com/d9y27GoQGK
— Press Trust of India (@PTI_News) August 26, 2026
खेती में पहुंचेगी नई टेक्नोलॉजी
इस पहल में खेती को नई तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है. योगी सरकार का कहना है कि दुनिया में इस्तेमाल हो रही नई कृषि तकनीक और खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी अब स्थानीय किसानों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए गूगल और नेटवर्क्स फॉर ह्यूमैनिटी के साथ मिलकर ओपन नेटवर्क फॉर एग्रीकल्चर तैयार किया जा रहा है. इसका मकसद खेती के लिए ऐसा डिजिटल नेटवर्क बनाना है, जिससे किसानों को नई तकनीक और खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके.
UPI जैसी डिजिटल व्यवस्था बनाने की तैयारी
कृषि के लिए तैयार किए जा रहे इस ओपन नेटवर्क को UPI और ONDC जैसे खुले डिजिटल नेटवर्क की तर्ज पर विकसित करने की योजना है. आसान भाषा में समझें तो इसका मकसद खेती से जुड़ी डिजिटल सेवाओं को एक ऐसे प्लेटफॉर्म से जोड़ना है, जिसका फायदा ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंच सके. सरकार की इस पहल में आधुनिक तकनीक के साथ खेती के पारंपरिक अनुभव को भी जोड़ा जा रहा है. अगर योजना सही तरीके से जमीन पर लागू होती है, तो पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड के किसानों को बेहतर उत्पादन, नई तकनीक और कमाई के नए अवसर मिल सकते हैं.