हिमाचल में यातायात ठप, मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहा सेब.. बिगड़ी फल की क्वालिटी

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 193 सड़कें बंद हैं, जिससे सेब किसानों को भारी नुकसान का खतरा है. सेब मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 7 Sep, 2025 | 02:15 PM

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश और भूस्खलन से सड़कों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है. ऐसे में किसान अपनी सेब की उपज को लेकर मंडियों में नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे फसल को नुकसान पहुंच रहा है. किसानों का कहना है कि अगर समय पर सड़कें नहीं खोली गईं, तो स्टोर में रखे-रखे उनकी पूरी फसल खराब हो जाएगी. फिर, लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में 28 सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया, लेकिन अभी भी हालात सामान्य नहीं हैं. जिले की 193 सड़कों पर आवाजाही बंद है, जिससे परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है. खराब मौसम की वजह से सड़कें साफ करने का काम और बिजली-पानी की सप्लाई बहाल करने में लगातार दिक्कतें आ रही हैं. आज सुबह से मौसम और बिगड़ गया, जिससे हालात और खराब हो गए.

कहां कितनी बंद हैं सड़कें

जिला प्रशासन से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा प्रभावित सेराज सब-डिवीजन है, जहां 73 सड़कें बंद हैं. इसके बाद थलौट में 45 और करसोग में 31 सड़कें बंद हैं. सरकाघाट में 11 और धर्मपुर में 8 सड़कें अब भी बंद हैं. गोहर, सुंदरनगर, पधर, नेरचौक, मंडी और जोगिंदरनगर में भी कुछ सड़कें प्रभावित हैं. ऐसे में लंबे समय से सड़कें बंद रहने के कारण आम जनजीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में.

सड़क मरम्मत का काम तेज हो

सबसे ज्यादा चिंता सेब उगाने वाले किसानों की है. इस समय सेब की तुड़ाई चल रही है, लेकिन लिंक रोड बंद होने से किसान अपना माल मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं. इससे सेब खराब होने और किसानों को नुकसान होने का खतरा बना हुआ है. इस बीच, उपायुक्त अपूर्व देवगन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को निर्देश दिए हैं कि सड़क मरम्मत का काम तेज किया जाए, खासकर किरतपुर-मनाली नेशनल हाईवे और सेब उत्पादक इलाकों की महत्वपूर्ण लिंक सड़कों पर.

उन्होंने कहा कि सेब की फसल का सुचारु परिवहन हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. सभी संबंधित विभागों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त मशीनरी और कर्मचारियों को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं.

बारिश और भूस्खलन से सड़कों को नुकसान

PWD युद्धस्तर पर काम कर रहा है, लेकिन लगातार बारिश, भूस्खलन और मलबे की वजह से सड़कें खोलना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है. प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर नजर रखे हुए है ताकि आगे कोई नुकसान न हो और मरम्मत कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.देवगन ने स्थानीय लोगों, खासकर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वालों से सावधान रहने और जब तक हालात न सुधरें, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.

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Published: 7 Sep, 2025 | 02:13 PM
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