Nepal Flood Update: नेपाल में लगातार भारी बारिश और फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों में हालात बेहद खराब कर दिए हैं. तेज बहाव में घर, सड़कें और पुल तक बह गए हैं, जबकि कई इलाकों का संपर्क भी टूट गया है. ऐसे मुश्किल समय में भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए अपनी 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम नेपाल भेजी है. टीम शनिवार को नेपाल पहुंच गई और अब स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्य में सहयोग करेगी.
नेपाल में बिगड़े हालात, कई इलाके प्रभावित
भारी बारिश के बाद नेपाल की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. अचानक आई बाढ़ ने निचले इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है. कई जगहों पर पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. बाढ़ के तेज बहाव में कई घर और सड़कें प्रभावित हुई हैं. पुलों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना मुश्किल हो गया है. राहत टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराने की है.
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अब तक 616 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि हजारों लोगों के लापता होने की बात सामने आई है. इसके अलावा करीब 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाने की जानकारी भी दी गई है. उनकी तलाश के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
भारत की 11 सदस्यीय टीम करेगी मदद
PTI के अनुसार, नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियान को मजबूती देने के लिए भारत ने 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम भेजी है. टीम शनिवार को नेपाल पहुंची और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम शुरू कर दिया. भारतीय टीम का मुख्य उद्देश्य मुश्किल हालात में स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों की मदद करना है. प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने, राहत अभियान को गति देने और जरूरी सहायता पहुंचाने में टीम सहयोग करेगी. भारत और नेपाल के बीच प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहयोग का पुराना सिलसिला रहा है. ऐसे समय में भारतीय टीम की मौजूदगी दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग को भी मजबूत करती है.
राहत पहुंचाना बनी बड़ी चुनौती
फ्लैश फ्लड के कारण कई रास्ते खराब होने से बचाव दलों के लिए प्रभावित इलाकों तक पहुंचना आसान नहीं है. कई जगहों पर सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत सामग्री पहुंचाने में भी दिक्कत आ रही है. ऐसे में स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर काम करना बेहद जरूरी है. भारतीय टीम के पहुंचने से बचाव अभियान को अतिरिक्त मदद मिलने की उम्मीद है.
बिहार में भी प्रशासन अलर्ट
नेपाल में बाढ़ की स्थिति का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी देखा जा रहा है. खासकर बिहार में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. पश्चिम चंपारण में भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित गंडक बैराज के जलस्तर में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. फिलहाल गंडक बैराज में पानी का स्तर करीब 97,500 क्यूसेक बताया गया है, जो सामान्य सीमा के भीतर है. इसके बावजूद नेपाल में लगातार बदलते हालात को देखते हुए बिहार प्रशासन सतर्क है.
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता
नेपाल में बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सीमावर्ती भारतीय इलाकों में भी लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. नदियों के जलस्तर में अचानक बदलाव होने की स्थिति में निचले इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है. फिलहाल भारत की रेस्क्यू टीम नेपाल में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान को गति देने में जुटी है. वहीं बिहार में भी गंडक नदी और बैराज की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.