यूपी में ‘पोल्ट्री कॉन्क्लेव 2026’ से बढ़ेगी अंडा उत्पादन की रफ्तार, ग्रामीण रोजगार पर होगा सरकार का फोकस
आज के समय में बिना तकनीक के आगे बढ़ना मुश्किल है. इस कॉन्क्लेव में इस बात पर खास जोर दिया जाएगा कि कैसे आधुनिक तकनीकों के जरिए उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और लागत कम की जा सकती है. साथ ही, निवेशकों, वैज्ञानिकों और किसानों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा,.
UP Poultry Conclave 2026: उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर को लेकर एक नई सोच और नई दिशा दिखाई दे रही है. इसी कड़ी में 15 और 16 अप्रैल 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘पोल्ट्री कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन किया जा रहा है. यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों, उद्यमियों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर बदलाव की शुरुआत करने की कोशिश है.
इस कॉन्क्लेव का मकसद साफ है पोल्ट्री उद्योग को मजबूत बनाना, किसानों की आमदनी बढ़ाना और नई तकनीकों को तेजी से अपनाना.
क्यों बढ़ी पोल्ट्री सेक्टर की अहमियत
आज के समय में पोल्ट्री सिर्फ अंडा और मांस उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने का एक मजबूत जरिया बन चुका है. लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी भी मांग और उत्पादन के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है.
राज्य में रोजाना 3.5 से 5.5 करोड़ अंडों की जरूरत होती है, जबकि उत्पादन करीब 1.5 से 2 करोड़ अंडों तक ही सीमित है. यही वजह है कि राज्य को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है. सरकार इस अंतर को खत्म करना चाहती है और इसी लक्ष्य के साथ आने वाले दो वर्षों में उत्पादन को 3.5 करोड़ अंडे प्रतिदिन तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है.
किसानों के लिए क्यों खास है यह पहल
यह कॉन्क्लेव किसानों के लिए सिर्फ जानकारी देने का मंच नहीं है, बल्कि उनके लिए नए मौके भी लेकर आ रहा है. जब उत्पादन बढ़ेगा, तो किसानों की आय भी बढ़ेगी और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे. सरकार भी इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए:
- सब्सिडी दी जा रही है
- बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं
- नई योजनाओं और नीतियों के जरिए निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है
इन कदमों से छोटे और मध्यम स्तर के किसान भी पोल्ट्री व्यवसाय में आगे बढ़ सकते हैं.
📢 उत्तर प्रदेश पोल्ट्री कॉन्क्लेव – 2026
पशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित प्रदेश के प्रथम पोल्ट्री कॉन्क्लेव में सहभागिता कर पोल्ट्री क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, निवेश अवसरों एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का लाभ उठाएं pic.twitter.com/3iraxaEx5u— Department of AHUP (@DOAHUP) April 14, 2026
तेजी से बदल रहा है उत्पादन का ग्राफ
अगर पिछले कुछ वर्षों पर नजर डालें, तो उत्तर प्रदेश में अंडा उत्पादन में काफी तेजी आई है. पहले जहां यह आंकड़ा 70 से 80 लाख अंडे प्रतिदिन था, अब बढ़कर करीब 2 करोड़ तक पहुंच गया है.
सरकार अब इसे और आगे ले जाने की तैयारी में है. लक्ष्य है कि आने वाले समय में इसे 3 करोड़ से ज्यादा तक पहुंचाया जाए और उत्तर प्रदेश को एक मजबूत पोल्ट्री हब के रूप में विकसित किया जाए.
कॉन्क्लेव में क्या मिलेगा खास
इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ सरकारी अधिकारी ही नहीं, बल्कि देशभर के वैज्ञानिक, पोल्ट्री एक्सपर्ट, हैचरी संचालक, डॉक्टर और स्टार्टअप्स भी हिस्सा लेंगे.
कॉन्क्लेव में कई अहम गतिविधियां होंगी, जैसे:
- आधुनिक तकनीकों पर चर्चा
- उत्पादन बढ़ाने के नए तरीके
- किसानों और उद्यमियों के बीच सीधा संवाद
- निवेश और साझेदारी के अवसर
इससे प्रतिभागियों को न केवल नई जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए नए रास्ते भी खोज पाएंगे.
तकनीक और साझेदारी बनेगी ताकत
आज के समय में बिना तकनीक के आगे बढ़ना मुश्किल है. इस कॉन्क्लेव में इस बात पर खास जोर दिया जाएगा कि कैसे आधुनिक तकनीकों के जरिए उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और लागत कम की जा सकती है. साथ ही, निवेशकों, वैज्ञानिकों और किसानों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि सभी मिलकर इस सेक्टर को आगे बढ़ा सकें.