Gardening Tips: किचन का कचरा बन सकता है सुपरफूड… बस इस तरह बनाएं पौधों के लिए जैविक खाद, वो भी बिल्कुल फ्री!
Organic Fertilizer: घर के किचन से जो भी बचा हुआ फल-सब्जी का छिलका, चाय-पत्ती या खाने का छोटा-मोटा कचरा होता है, उसे फेंकने की जल्दी न करें. सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यही कचरा तुम्हारे पौधों के लिए सुपरफूड बन सकता है. थोड़ा सा ध्यान, थोड़ी मेहनत और सही मिश्रण से आपका किचन गार्डन हरा-भरा, पौष्टिक और हेल्दी बन जाएगा. यही कचरा आपके लिए कम खर्च में ज्यादा फायदा और पौधों की जड़ें को मजबूत करने में असरदार साबित हो सकता है.
घर में उगाए जाने वाले सब्जी और फलों के पौधों की बेहतर ग्रोथ और क्वालिटी के लिए खाद का खास महत्व होता है. जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है और पौधों को स्वस्थ रखती है.
सब्जियों के छिलके, फल के अवशेष, चाय-पत्ती, कॉफी पाउडर और अंडे के छिलकों को मिट्टी के साथ मिलाकर 30-40 दिन में पौष्टिक खाद तैयार की जा सकती है. यह पौधों की जड़ें मजबूत करती है और उत्पादन बढ़ाती है.
लाल केंचुए, सूखे पत्ते, गोबर और किचन कचरे को मिलाकर वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा सकता है. केंचुए कचरे को पचाकर उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद देते हैं, जो पौधों को प्राकृतिक पोषण प्रदान करती है.
चावल धोने का पानी, छाछ, गुड़ और केले के छिलकों से बनायी गई तरल खाद पौधों की तेजी से बढ़वार में मदद करती है. इसे रोजाना हिलाकर पौधों की जड़ों में डालने से पत्तियां हरी-भरी और फूल व फल अच्छे आते हैं.
जैविक खाद का अधिक मात्रा में इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है. सप्ताह में 1-2 बार देना पर्याप्त है. संतुलित उपयोग से पौधों की वृद्धि सुरक्षित रहती है.
घर के किचन कचरे से बनाई गई जैविक खाद न केवल पैसे बचाती है बल्कि ताजा और रसायन मुक्त सब्जियां उगाने में मदद करती है. इससे स्वास्थ्य बेहतर रहता है और परिवार आत्मनिर्भर बनता है.