PHOTOS: गर्मी में घट रहा है गाय-भैंस का दूध उत्पादन? अपनाएं ये 6 जबरदस्त तरीके, डेयरी में होगा दोगुना मुनाफा!
Dairy Farming Tips: जैसे ही गर्मी दस्तक देती है, डेयरी किसानों की चिंता भी बढ़ने लगती है. बढ़ता तापमान सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि दुधारू पशुओं को भी प्रभावित करता है. अचानक मौसम बदलने से पशुओं की सेहत बिगड़ सकती है और दूध उत्पादन घट सकता है जिसका सीधा असर पशुपालकों की आय पर पड़ता है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, अगर समय रहते सही आहार, टीकाकरण और ठंडक की व्यवस्था कर ली जाए, तो भीषण गर्मी में भी डेयरी व्यवसाय को नुकसान से बचाया जा सकता है.

पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार तापमान बढ़ते ही दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है, जिससे दूध उत्पादन में गिरावट आना आम बात है. अचानक मौसम बदलाव से पशु तनाव में आ जाते हैं, जो उनकी उत्पादकता और डेयरी आय दोनों को प्रभावित करता है.

गर्मी में वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. FMD, गलघोंटू और आदरंगी जैसी बीमारियों से बचाव के लिए समय पर वैक्सीनेशन जरूरी है. टीकाकरण टालना भविष्य में बड़े नुकसान का कारण बन सकता है, खासकर बरसात से पहले पशुओं को सुरक्षित करना जरूरी है.

गर्मियों में सूखा भूसा ज्यादा देने से पशुओं के शरीर में गर्मी बढ़ती है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आहार में 40-60% हरा चारा जैसे नेपियर घास, ज्वार, बाजरा और गिनी घास शामिल करें. हरा चारा शरीर को ठंडक देता है और पानी की कमी भी पूरी करता है.

मक्का, गेहूं या जौ का दलिया, खली और चोकर मिलाकर संतुलित दाना देना फायदेमंद होता है. प्रतिदिन 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर और 50 ग्राम नमक जरूरी है. 15 लीटर से अधिक दूध देने वाले पशुओं को बाईपास फैट और रोस्टेड सोयाबीन देने से ऊर्जा बनी रहती है और उत्पादन स्थिर रहता है.

गर्मी में स्वच्छ और ठंडा पानी सबसे अहम भूमिका निभाता है. भैंसों को दिन में 1–2 बार नहलाना चाहिए. बाड़े में स्प्रिंकलर सिस्टम, छायादार ढांचा, हरी शीट या गीले जूट के पर्दे लगाकर तापमान नियंत्रित रखा जा सकता है. पशुओं को सुबह-शाम ही चराने ले जाएं ताकि लू से बचाव हो सके.

बाड़े में पर्याप्त दूरी, नियमित सफाई और फर्श पर पुआल बिछाने से गर्मी कम होती है. पशुओं को साफ-सुथरा और हाइड्रेटेड रखना जरूरी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएं तो गर्मियों में भी दूध उत्पादन में गिरावट रोकी जा सकती है और डेयरी व्यवसाय लाभकारी बना रह सकता है.