कम खर्च में बंपर कमाई! मछली पालन से बदल सकती है आपकी किस्मत, जानें पूरी फिश फार्मिंग गाइड

Machhli Palan: खेती की बढ़ती लागत और घटती आमदनी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, लेकिन इसी चुनौती के बीच मछली पालन एक ऐसी उम्मीद बनकर उभरा है, जो कम खर्च में ज्यादा मुनाफा दिला सकता है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 24 Jan, 2026 | 04:05 PM
1 / 6खेती की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के बीच मछली पालन किसानों के लिए एक ऐसा विकल्प बन रहा है, जिसमें कम निवेश करके लगातार और भरोसेमंद आमदनी हासिल की जा सकती है.

खेती की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के बीच मछली पालन किसानों के लिए एक ऐसा विकल्प बन रहा है, जिसमें कम निवेश करके लगातार और भरोसेमंद आमदनी हासिल की जा सकती है.

2 / 6विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी को पर्याप्त और सस्ता प्रोटीन उपलब्ध कराने में जलीय संसाधन और एक्वाकल्चर सबसे अहम साबित होंगे.

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी को पर्याप्त और सस्ता प्रोटीन उपलब्ध कराने में जलीय संसाधन और एक्वाकल्चर सबसे अहम साबित होंगे.

3 / 6कतला, रोहू और मृगल जैसी इंडियन मेजर कार्प्स को एक साथ पालने से तालाब की अलग-अलग परतों का सही उपयोग होता है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा होता है.

कतला, रोहू और मृगल जैसी इंडियन मेजर कार्प्स को एक साथ पालने से तालाब की अलग-अलग परतों का सही उपयोग होता है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा होता है.

4 / 6पंगास जैसी कम कांटे वाली मछलियां कम जगह और कम समय में तेजी से वजन बढ़ाती हैं, जिससे यह छोटे और मध्यम किसानों के लिए मुनाफे का बेहतरीन विकल्प बनती जा रही हैं.

पंगास जैसी कम कांटे वाली मछलियां कम जगह और कम समय में तेजी से वजन बढ़ाती हैं, जिससे यह छोटे और मध्यम किसानों के लिए मुनाफे का बेहतरीन विकल्प बनती जा रही हैं.

5 / 6एरेटर, टैंक सिस्टम और कंट्रोल्ड वातावरण के जरिए मछली पालन ज्यादा सुरक्षित बनता है, वहीं स्थानीय बाय-प्रोडक्ट्स से तैयार हाई-प्रोटीन फीड लागत भी कम करती है.

एरेटर, टैंक सिस्टम और कंट्रोल्ड वातावरण के जरिए मछली पालन ज्यादा सुरक्षित बनता है, वहीं स्थानीय बाय-प्रोडक्ट्स से तैयार हाई-प्रोटीन फीड लागत भी कम करती है.

6 / 6मछली पालन को बत्तख, पशुपालन या सब्जी उत्पादन से जोड़ने पर प्राकृतिक खाद मिलती है, प्लैंकटन बढ़ता है और एक ही संसाधन से कई तरह की आमदनी संभव हो पाती है.

मछली पालन को बत्तख, पशुपालन या सब्जी उत्पादन से जोड़ने पर प्राकृतिक खाद मिलती है, प्लैंकटन बढ़ता है और एक ही संसाधन से कई तरह की आमदनी संभव हो पाती है.

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