खेतों से खजाने तक.. चंदन की खेती से किसान 15 साल में बन सकते हैं करोड़पति

चंदन की लकड़ी मनी ट्री के रूप में उभर रही है, जिसकी मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और दुनिया भर में इसकी कीमत भी ऊंची है. आज इसे लगाने वाले किसान 12- 15 सालों में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

किसान इंडिया डेस्क
नोएडा | Updated On: 13 Mar, 2026 | 10:31 AM

Sandalwood Farming Tips: चंदन की लकड़ी मनी ट्री के रूप में उभर रही है, जिसकी मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और दुनिया भर में इसकी कीमत भी ऊंची है. आज इसे लगाने वाले किसान 12- 15 सालों में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. जानिए इसकी फसल से कैसे उठा सकते हैं फायदा.

अगर आप खेती के जरिए अच्छी कमाई का सपना देखते हैं और लंबी अवधि के फसल चाहते हैं जिससे सालों तक मुनाफा मिल सके तो चंदन की खेती एक सुनहरा मौका साबित हो सकती है. हाल की कुछ वर्षों में चंदन की मांग बहुत ज्यादा बड़ी है. फर्नीचर और इत्र से लेकर दवाइयां और धार्मिक अनुष्ठानों तक इसके कई उपयोग हैं. यही कारण है कि कुछ किसान धान और गेहूं की खेती छोड़कर इस फसल की खेती कर रहे हैं जिसे अब भारत का पैसे का पेड़ कहा जाता है.

चंदन की लकड़ी की बाजार में खूब डिमांड

चंदन की लकड़ी की मांग अब सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं रह गई है. अंतर्राष्ट्रीय खरीदार भी इसकी अच्छी खासी कीमत चुकाते हैं. खुले बाजार में एक किलो चंदन की लकड़ी की कीमत ₹10000 तक की है और इसका तेल तो इससे कई गुना ज्यादा दाम में बेचा जाता है. एक चंदन के पेड़ को बड़ा व परिपक्व होने में लगभग 10 से 12 साल लग जाते हैं और तब तक इसकी कीमत लाखों तक पहुंच जाती है. पेड़ जितना पुराना होता है उतनी ही ज्यादा उसकी बाजार में कीमत भी होती है.

खाली पड़ी जमीन पर लगाए चंदन के पौधे

किसानों ने इसकी सफलता का स्वाद चख लिया है। जिन किसानों ने आठ साल पहले पौधे लगाए थे आज वे लाखों की संपत्ति के मालिक हैं. यहां तक कि खेत की मेड़ों या खाली पड़ी जमीन पर चंदन के पौधे लगाने मात्र भर से किसान आर्थिक रूप से सक्षम हो सकते है.

चंदन एक परजीवी आश्रित पौधा

चंदन सूखी, थोड़ी ऊंची जमीन पर अच्छे से वृद्धि करता है और इसे जून जुलाई के महीने में लगाना बेहतर होता है. क्योंकि चंदन एक परजीवी या मेजबान आश्रित पौधा है. यह आसपास की फसलों से पोषक तत्व अवशोषित करता है. इसलिए इसे अक्सर अर्जुन, रेगु या सहजन जैसी प्रजातियों के साथ उगाया जाता है. ये पौधे मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने व पेड़ को वृद्धि करने में मदद करते हैं.

हल्की सिंचाई ही पर्याप्त

चंदन के पौधे को बहुत कम पानी की जरूरत होती है. पहले वर्ष में हल्की सिंचाई पर्याप्त होती है. उसके बाद पौधा प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल ढल जाता है. इसे कीटो और बीमारियों से बचाने के लिए जैविक कीटनाशकों का उपयोग किया जा सकता है.

चंदन की खेती से किसान बनेंगे मालामाल

शुरुआती वर्षों में नियमित आय अर्जित करने के लिए चंदन के साथ हल्दी, अदरक, फलों और सब्जियों के पौधे उगा सकते हैं. प्रति एकड़ लगभग 500 चंदन के पौधे से, 12 से 15 वर्षों में 2 से 3 किलो उपयोगी लकड़ी प्राप्त की जा सकती हैं. किसान वर्तमान बाजार दरों पर प्रति एकड़ 50 लाख रुपए से 1 करोड रुपए तक कमा सकते हैं. कई राज्य सरकार चंदन की खेती को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और तकनीकी सहायता मुहैया करा रही है.

वन विभाग से अनुमति लेकर करें चंदन की खेती

पहले चंदन की खेती पर सरकार का पूर्ण अधिकार होता था. अब नियमों में बदलाव किया गया है और किसान अनुमति लेकर इसकी खेती कर सकते हैं. हालांकि, लकड़ी काटने व बेचने के लिए अब भी वन विभाग से अनुमति लेना आवश्यक है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 13 Mar, 2026 | 10:31 AM
ज्ञान का सम्मान क्विज

किस फसल को अनाजों का राजा कहा जाता है?

9319947093
जवाब इस नंबर पर करें Whatsapp

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆