पशुपालकों के लिए गेमचेंजर बनेगी ये घास, दूध बढ़ाने से हीट स्ट्रेस कम करने तक, जानें फायदे

Dairy Farming Tips: गर्मी का मौसम आते ही पशुपालकों की सबसे बड़ी चिंता बढ़ जाती है, पशुओं का घटता दूध उत्पादन और उनकी बिगड़ती सेहत. तेज धूप और बढ़ता तापमान न सिर्फ जानवरों को कमजोर करता है, बल्कि चारे की गुणवत्ता पर भी असर डालता है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, ऐसे मुश्किल समय में अगर कोई एक हरा चारा पशुपालकों के लिए ‘वरदान’ साबित हो रहा है, तो वह है नेपियर घास. अपनी तेज बढ़वार, पौष्टिक गुणों और कम लागत में अधिक उत्पादन के कारण यह घास आज कई किसानों और डेयरी फार्मर्स की पहली पसंद बन चुकी है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 20 Apr, 2026 | 06:00 AM
1 / 6नेपियर घास को दुधारू पशुओं के लिए सबसे अच्छा हरा चारा माना जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन, फाइबर और जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह पशुओं की पाचन शक्ति को सुधारती है और उन्हें अंदर से मजबूत बनाती है, जिससे उनकी सेहत लंबे समय तक बेहतर रहती है.

नेपियर घास को दुधारू पशुओं के लिए सबसे अच्छा हरा चारा माना जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन, फाइबर और जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह पशुओं की पाचन शक्ति को सुधारती है और उन्हें अंदर से मजबूत बनाती है, जिससे उनकी सेहत लंबे समय तक बेहतर रहती है.

2 / 6गर्मी के मौसम में अक्सर पशुओं का दूध उत्पादन कम हो जाता है, लेकिन नेपियर घास इस गिरावट को रोकने में मदद करती है. इसे नियमित खिलाने से दूध की मात्रा स्थिर बनी रहती है और पशुपालकों को नुकसान नहीं होता, जिससे उनकी आय सुरक्षित रहती है.

गर्मी के मौसम में अक्सर पशुओं का दूध उत्पादन कम हो जाता है, लेकिन नेपियर घास इस गिरावट को रोकने में मदद करती है. इसे नियमित खिलाने से दूध की मात्रा स्थिर बनी रहती है और पशुपालकों को नुकसान नहीं होता, जिससे उनकी आय सुरक्षित रहती है.

3 / 6इस घास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे एक बार लगाने के बाद 3 से 4 साल तक लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे किसानों को बार-बार चारा बोने की जरूरत नहीं पड़ती और समय व लागत दोनों की बचत होती है.

इस घास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे एक बार लगाने के बाद 3 से 4 साल तक लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे किसानों को बार-बार चारा बोने की जरूरत नहीं पड़ती और समय व लागत दोनों की बचत होती है.

4 / 6नेपियर घास तेजी से बढ़ने वाली फसल है, जिसकी साल में लगभग 6 से 8 बार कटाई की जा सकती है. इसका मतलब है कि पशुपालकों को पूरे साल लगातार हरा चारा मिलता रहता है और चारे की कमी की समस्या नहीं आती.

नेपियर घास तेजी से बढ़ने वाली फसल है, जिसकी साल में लगभग 6 से 8 बार कटाई की जा सकती है. इसका मतलब है कि पशुपालकों को पूरे साल लगातार हरा चारा मिलता रहता है और चारे की कमी की समस्या नहीं आती.

5 / 6यह घास कम पानी और कम देखभाल में भी आसानी से तैयार हो जाती है, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह बहुत ही किफायती विकल्प बन जाती है. इसमें ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं होती, लेकिन फायदा लगातार मिलता रहता है.

यह घास कम पानी और कम देखभाल में भी आसानी से तैयार हो जाती है, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह बहुत ही किफायती विकल्प बन जाती है. इसमें ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं होती, लेकिन फायदा लगातार मिलता रहता है.

6 / 6नेपियर घास पशुओं के शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक देती है, जिससे वे गर्मी के तनाव और हीट स्ट्रेस से बचे रहते हैं. इससे पशु ज्यादा स्वस्थ रहते हैं, उनकी सक्रियता बनी रहती है और दूध की गुणवत्ता में भी सुधार होता है.

नेपियर घास पशुओं के शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक देती है, जिससे वे गर्मी के तनाव और हीट स्ट्रेस से बचे रहते हैं. इससे पशु ज्यादा स्वस्थ रहते हैं, उनकी सक्रियता बनी रहती है और दूध की गुणवत्ता में भी सुधार होता है.

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Published: 20 Apr, 2026 | 06:00 AM

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