किसानों की कमाई बढ़ाने आ गईं धान की दो नई किस्म, जान लें खूबियां
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने धान की दो नई किस्में पेश की हैं. यह पहली बार है जब जीनोम एडिटिंग के जरिए किस्मों को तैयार किया गया है. पूसा राइस डीएसटी1 न केवल जल संकट से जूझ रहे इलाकों में राहत देने वाली है, बल्कि यह धान की फसलों में होने वाली अनिश्चितता को भी काफी हद तक कम कर सकती है. दूसरी किस्म डीडीआर 100 कमला भी पेश की गई है. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार दोनों किस्में धान उत्पादन बढ़ाकर किसानों की कमाई में इजाफा करने वाली साबित होंगी.

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इसके पौधों में स्टोमाटा (पत्तियों के छिद्र) की संख्या कम कर दी गई है. इससे पानी का वाष्पीकरण कम होता है और पौधे में नमी लंबे समय तक बनी रहती है. यह किस्म सामान्य धान के मुकाबले ज्यादा टिलर्स (फूलों की शाखाएं) बनाती है और इसके पत्ते बड़े होने के साथ ज्यादा दाने देते हैं.

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ये दोनों किस्में खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी हैं, जहां पानी की कमी है या मिट्टी में लवणता (water scarcity or soil salinity) ज्यादा है. कम पानी की जरूरत, बेहतर उत्पादन और जल्दी पकने की क्षमता और उच्च गुणवत्ता वाले दाने होने से इन किस्मों को बाजार में भी बेहतर दाम मिल सकता है.
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