गन्ने की फसल पर खतरनाक कीटों का हमला, जानें बचाव का सही तरीका, वरना हो सकता है भारी नुकसान

Sugarcane Farming Tips: गन्ने की फसल पर इस समय कीटों का खतरा मंडरा रहा है. सालभर की मेहनत, भारी लागत और उम्मीदों से भरी खेती, लेकिन अगर सही समय पर सावधानी नहीं बरती, तो अंकुर बेधक और टॉप बोरर जैसे कीट कुछ ही दिनों में पूरी फसल को बर्बाद कर सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, यही वजह है कि गन्ने की खेती में सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि सही रणनीति भी उतनी ही जरूरी है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी फसल हरी-भरी रहे और मुनाफा भी अच्छा मिले, तो जरूरी है कि कीटों की पहचान, सही दवा और सही समय पर बचाव के उपायों को समझा जाए.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 29 Apr, 2026 | 06:31 PM
1 / 6गन्ने को नकदी फसल माना जाता है, लेकिन इसमें एक साल की लंबी मेहनत और भारी लागत लगती है. ऐसे में अगर कीट लग जाएं, तो किसानों की पूरी सालभर की कमाई पर सीधा असर पड़ता है.

गन्ने को नकदी फसल माना जाता है, लेकिन इसमें एक साल की लंबी मेहनत और भारी लागत लगती है. ऐसे में अगर कीट लग जाएं, तो किसानों की पूरी सालभर की कमाई पर सीधा असर पड़ता है.

2 / 6अंकुर बेधक और टॉप बोरर सबसे बड़ा खतरा: ये दोनों कीट गन्ने की नई और पेड़ी फसल को तेजी से नुकसान पहुंचाते हैं. अंकुर बेधक तने में घुसकर पौधे को अंदर से सुखा देता है, जबकि टॉप बोरर पत्तियों को नुकसान पहुंचाकर विकास रोक देता है.

अंकुर बेधक और टॉप बोरर सबसे बड़ा खतरा: ये दोनों कीट गन्ने की नई और पेड़ी फसल को तेजी से नुकसान पहुंचाते हैं. अंकुर बेधक तने में घुसकर पौधे को अंदर से सुखा देता है, जबकि टॉप बोरर पत्तियों को नुकसान पहुंचाकर विकास रोक देता है.

3 / 6केंद्र सरकार ने गन्ना मूल्य बढ़ाया.

केंद्र सरकार ने गन्ना मूल्य बढ़ाया.

4 / 6कर्मचारियों की बार-बार अपील के बावजूद 16 अक्टूबर 2023 को इस मिल को अधिकारियों ने लिक्विडेशन में डाल दिया. (Photo Credit: Canva)

कर्मचारियों की बार-बार अपील के बावजूद 16 अक्टूबर 2023 को इस मिल को अधिकारियों ने लिक्विडेशन में डाल दिया. (Photo Credit: Canva)

5 / 6दाल वाली फसलों को भी खेती में शामिल करने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होगी. (Photo Credit: Canva)

दाल वाली फसलों को भी खेती में शामिल करने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होगी. (Photo Credit: Canva)

6 / 6कीटनाशक का उपयोग या फिर ड्रेचिंग हमेशा शाम के समय करना चाहिए और 24 घंटे के भीतर हल्की सिंचाई जरूरी है. इससे दवा जड़ों तक अच्छी तरह पहुंचती है और कीटों पर असर ज्यादा होता है.

कीटनाशक का उपयोग या फिर ड्रेचिंग हमेशा शाम के समय करना चाहिए और 24 घंटे के भीतर हल्की सिंचाई जरूरी है. इससे दवा जड़ों तक अच्छी तरह पहुंचती है और कीटों पर असर ज्यादा होता है.

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Published: 29 Apr, 2026 | 06:31 PM

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