PM Kisan: किसानों को मिलेंगे 10 हजार रुपये सालाना? पीएम किसान की रकम बढ़ाने का आया बड़ा संकेत

PM Kisan Samman Nidhi: किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने की संभावना जताई गई है. डॉ. कृष्णवीर चौधरी के मुताबिक, सरकार अगले साल से सालाना 6,000 रुपये की जगह 10,000 रुपये देने पर विचार कर रही है. उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने, सस्ता खाद-बीज उपलब्ध कराने और फसलों का उचित MSP दिलाने पर जोर दिया.

नोएडा | Published: 6 Sep, 2026 | 07:46 AM

PM Kisan: देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार की हाईपावर परचेज कमेटी के सदस्य और भारतीय कृषक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कृष्णवीर चौधरी ने संकेत दिया है कि किसानों को मिलने वाली सालाना सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जा सकती है. अगर इस प्रस्ताव पर फैसला होता है तो अगले साल से किसानों को 6,000 रुपये की जगह हर साल 10,000 रुपये मिल सकते हैं. हालांकि, अभी इसे सरकार की ओर से अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता है. डॉ. चौधरी ने नूंह में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस संभावना का जिक्र किया है.

किसानों को मिल सकती है ज्यादा आर्थिक मदद

डॉ. कृष्णवीर चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. इसी क्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की मौजूदा राशि में बढ़ोतरी पर विचार किया जा रहा है. फिलहाल पीएम किसान के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह रकम तीन किस्तों में किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है. अगर राशि बढ़ाकर 10,000 रुपये सालाना की जाती है तो इससे खेती के दौरान किसानों को छोटे-मोटे खर्चों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिल सकता है.

सिर्फ सम्मान निधि बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं

कार्यक्रम में डॉ. चौधरी ने साफ किया कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सिर्फ सीधे पैसे देना काफी नहीं है. खेती की लागत कम करना भी उतना ही जरूरी है. इसके लिए किसानों को कम कीमत पर अच्छी क्वालिटी के खाद और बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. इसके अलावा किसानों को उनकी फसल का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया. MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर भी किसानों के हित में काम करने की बात कही गई.

युवाओं को खेती से जोड़ने पर जोर

नूंह के पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया. खेती को सिर्फ पारंपरिक काम तक सीमित रखने के बजाय इसे रोजगार और कमाई का बेहतर जरिया बनाने की जरूरत बताई गई. डॉ. चौधरी ने कहा कि अगर युवा खेती के साथ आधुनिक तकनीक और नए कारोबारी तरीकों को अपनाएं तो इससे कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं. किसानों को संगठित करके उनकी कमाई बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.

छोटे किसानों के लिए FPO बनाने की जिम्मेदारी

कार्यक्रम में संगठन से जुड़ा एक अहम फैसला भी लिया गया. डॉ. इरशाद मदेपुर को भारतीय कृषक समाज, नूंह का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया. उन्हें क्षेत्र के छोटे किसानों को एक साथ जोड़ने और FPOs बनाने की जिम्मेदारी दी गई. FPO के जरिए छोटे किसान मिलकर बीज, खाद और दूसरी कृषि सामग्री खरीद सकते हैं. साथ ही अपनी फसल को बड़े बाजार तक पहुंचाकर बेहतर दाम हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं. इससे किसानों की सौदेबाजी की ताकत बढ़ सकती है.

कृषि और समाजसेवा से जुड़ी हस्तियों का सम्मान

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मुकेश वशिष्ठ ने की. इस दौरान कृषि, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाली कई हस्तियों को सम्मानित भी किया गया.

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