PM Kisan: यूपी के 23 लाख किसानों को लग सकता है झटका! नहीं आएगी 22वीं किस्त? जानें वजह

PM Kisan 22vi Kist: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी होने की संभावना है, लेकिन उत्तर प्रदेश के करीब 23 लाख किसानों को झटका लग सकता है. कई किसानों के खाते में यह किस्त अटक सकती है. ऐसा न हो इसके लिए सरकार किसानों से जल्द से जल्द Agristack पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने की अपील कर रही है.

नोएडा | Published: 11 Mar, 2026 | 04:11 PM

PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का इंतजार देशभर के करोड़ों किसान कर रहे हैं. सरकार जल्द ही पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त जारी करने वाली है, लेकिन इससे पहले उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि राज्य के कई किसानों की किस्त अटक सकती है.

दरअसल, सरकार की ओर से किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए कई बार अपील की गई थी, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसानों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है. ऐसे में इन किसानों को अगली किस्त मिलने में परेशानी आ सकती है.

पीएम किसान योजना क्या है

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है. इस योजना के तहत पात्र किसानों के बैंक खाते में हर साल 6000 रुपये की राशि भेजी जाती है. यह पैसा तीन किस्तों में दिया जाता है और हर चार महीने के अंतराल पर 2000-2000 रुपये सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं. इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती के खर्च में आर्थिक सहारा देना है.

कब जारी होगी 22वीं किस्त

सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी की जा सकती है. इस दिन देशभर के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे.

हालांकि, जिन किसानों की जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हैं, उनके खाते में यह राशि आने में देरी हो सकती है.

यूपी के लाखों किसानों पर संकट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर प्रदेश के करीब 23 लाख किसानों को इस बार झटका लग सकता है. खासकर ललितपुर, गाजियाबाद, रामपुर और इटावा जैसे जिलों के किसानों की किस्त अटकने की संभावना जताई जा रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि कई किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है. सरकार ने इसके लिए कई अभियान भी चलाए थे, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में किसान इस प्रक्रिया से अभी तक नहीं जुड़े हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अभी भी लगभग 32 प्रतिशत किसानों ने फार्मर आईडी नहीं बनवाई है.

यही कारण है कि इन किसानों को पीएम किसान योजना की अगली किस्त मिलने में दिक्कत आ सकती है. सरकार का मानना है कि फार्मर आईडी के जरिए किसानों का पूरा डाटा डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और योजनाओं का लाभ सही किसानों तक पहुंचाना आसान होगा.

Agristack पोर्टल पर कितने किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन

UP Agristack के आंकड़ों के मुताबिक 10 मार्च 2026 तक राज्य के 1 करोड़ 96 लाख 72 हजार 345 किसानों ने फार्मर आईडी के लिए आवेदन किया है. इनमें से करीब 1 करोड़ 93 लाख 16 हजार 606 किसानों को आईडी की मंजूरी भी मिल चुकी है. इसका मतलब है कि अभी तक राज्य के लगभग 68.13 प्रतिशत किसानों ने ही यह रजिस्ट्रेशन पूरा किया है.

कैसे बनवाएं फार्मर आईडी

अगर किसी किसान ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, तो उसे जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए.

फार्मर आईडी बनवाने से न केवल पीएम किसान योजना बल्कि भविष्य में आने वाली कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेना भी आसान हो जाएगा. इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लें.

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