सोलर पंप से सिंचाई ने बढ़ाया 20 फीसदी उत्पादन, सूखा क्षेत्र में शरीफा-मौसंबी की खेती आसान हुई
PM KUSUM Scheme : जालना के किसान भरत शिंदे ने बताया कि पीएम कुसुम योजना के जरिए सोलर सिंचाई पंप ने सिंचाई संकट दूर कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस सूखाग्रस्त इलाके में शरीफा और मौसंबी की खेती की अब आसान हो गई है.
महाराष्ट्र में जालना के किसान भरत शिंदे ने पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप का इस्तेमाल कर अपनी फसलों का 20 फीसदी उत्पादन बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है, जबकि उन्हें समय पर सिंचाई के लिए बिजली या डीजल चलित इंजन के भरोसे नहीं रहना पड़ता है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के तहत पीएम कुसुम योजना महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों के किसानों के लिए वरदान साबित हुई है. सोलर पंपों की मदद से खेती बढ़ी है और किसान बारिश की कमी व बिजली कटौती से होने वाले नुकसान से बच पा रहे हैं.
पीएम कुसुम योजना ने सिंचाई संकट दूर किया
महाराष्ट्र का जालना जिला सूखे की मार झेलने वाले इलाके के तौर पर जाना जाता है. इस वजह से किसान खेती के नए तरीकों को आजमाने से हिचकिचाते थे, क्योंकि ऐसे प्रयोगों के लिए पानी का सही इस्तेमाल करना मुश्किल होता था. इसके अलावा दिन के समय बिजली की भारी किल्लत के कारण किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए रात में खेतों में जाना पड़ता था. यह काम बहुत मुश्किल और परेशानी भरा होता था. पीएम-कुसुम योजना ने इस समस्या को हल कर दिया है. इस योजना ने किसानों की मेहनत को कम किया है और खेती का प्रबंधन करना काफी आसान बना दिया है.
शरीफा, मौसंबी की खेती आसान हुई
जालना जिले के अंतरवाला गांव के किसान भरत शिंदे ने पीएम कुसुम योजना के तहत 3 किलोवाट का सोलर पंप खरीदा है. इस सूखाग्रस्त इलाके में शरीफा और मीठे नींबू (मौसंबी) की खेती की अब आसान हो गई है. समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में भरत शिंदे ने कहा कि सोलर पंप की वजह से बिजली कटौती के बावजूद दिन में ही फसलों की सिंचाई करना मुमकिन हो गया है, जिससे सिर्फ पानी देने के लिए रात में बार-बार खेत जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
सोलर सिंचाई सिस्टम के पास किसान भरत शिंदे.
फसल पैदावार में 20 फीसदी बढ़ोत्तरी
किसान भरत शिंदे ने कहा कि इससे खेती बहुत आसान हो गई है. उन्होंने दूसरे किसानों से भी इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि सोलर कुसुम योजना के जरिए पंप लगने के बाद उन्हें रात में चैन की नींद आती है और बिजली कटौती से होने वाली परेशानी से छुटकारा मिला है. उन्होंने कहा कि फसल की पैदावार में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि सोलर पंप ने बारिश की कमी और बिजली कटौती से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद की है.
सोलर पंप मोबाइल से ऑपरेट कर रहे किसान
आधुनिक तकनीक से लैस इस सोलर सिंचाई पंप को मोबाइल फोन के जरिए चलाया जा सकता है, यानी इसे घर बैठे चालू और बंद किया जा सकता है. खेतों की ओर भागने की जरूरत खत्म होने और पानी के बेहतर प्रबंधन में मिली आसानी पर भारत शिंदे ने पीएम कुसुम सोलर स्कीम को किसानों के लिए क्रांतिकारी बताया. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी पर आधारित पीएम कुसुम सोलर स्कीम ग्रामीण इलाकों में किसानों की जिंदगी बदल रही है. इससे ज्यादा से ज्यादा किसानों के लिए इस स्कीम का फायदा उठाना और पारंपरिक खेती के नए तरीकों को आजमाना आसान हो रहा है.