बड़े ट्रैक्टर टायर लगाना पड़ सकता है भारी… फायदे कम, नुकसान होगा ज्यादा

जब ट्रैक्टर में तय साइज से बड़े टायर लगा दिए जाते हैं, तो इंजन को उन्हें घुमाने में ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है. इससे इंजन पर दबाव बढ़ता है और उसे ज्यादा ईंधन जलाना पड़ता है. नतीजा यह होता है कि ट्रैक्टर का माइलेज कम हो जाता है.

नई दिल्ली | Published: 20 Dec, 2025 | 12:53 PM

Tractor Tyres: आजकल कई किसान अपने ट्रैक्टर की ताकत और लुक बेहतर दिखाने के लिए कंपनी द्वारा सुझाए गए साइज से बड़े टायर लगवा लेते हैं. कुछ लोगों को लगता है कि बड़े टायर से ट्रैक्टर ज्यादा मजबूत लगेगा और काम भी बेहतर करेगा. लेकिन हकीकत यह है कि जरूरत से बड़े टायर लगाना ट्रैक्टर और किसान दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. शुरुआत में भले ही फर्क कम दिखे, लेकिन धीरे-धीरे इसके नकारात्मक असर साफ नजर आने लगते हैं.

माइलेज पर पड़ता है सीधा असर

जब ट्रैक्टर में तय साइज से बड़े टायर लगा दिए जाते हैं, तो इंजन को उन्हें घुमाने में ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है. इससे इंजन पर दबाव बढ़ता है और उसे ज्यादा ईंधन जलाना पड़ता है. नतीजा यह होता है कि ट्रैक्टर का माइलेज कम हो जाता है. डीजल की खपत बढ़ने से खेती की लागत बढ़ती है, जो सीधे किसान की जेब पर भारी पड़ती है.

इंजन की सेहत को पहुंचता है नुकसान

बड़े टायर ट्रैक्टर के इंजन पर अतिरिक्त लोड डालते हैं. इंजन को सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे उसका तापमान और घिसावट दोनों बढ़ जाते हैं. लंबे समय तक ऐसा चलने पर इंजन की परफॉर्मेंस कमजोर होने लगती है और उसकी उम्र भी कम हो सकती है. कई मामलों में इंजन रिपेयर का खर्च भी बढ़ जाता है, जो किसान के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है.

कीचड़ और गीली जमीन में फंसने का खतरा

खेती के दौरान अक्सर ट्रैक्टर को गीली मिट्टी और कीचड़ में चलाना पड़ता है. बड़े टायर लगाने से मडगार्ड और टायर के बीच की जगह कम हो जाती है. जब ट्रैक्टर कीचड़ में चलता है, तो यह जगह जल्दी भर जाती है और टायर सही तरीके से घूम नहीं पाते. ऐसे में ट्रैक्टर के फंसने की संभावना बढ़ जाती है और काम बीच में रुक सकता है.

खर्च बढ़ाता है बड़ा टायर

कंपनी द्वारा बताए गए साइज से बड़े टायर आमतौर पर ज्यादा महंगे होते हैं. न सिर्फ खरीदते समय ज्यादा पैसा लगता है, बल्कि इनके मेंटेनेंस और रिप्लेसमेंट का खर्च भी अधिक होता है. अगर टायर जल्दी घिस जाएं या खराब हो जाएं, तो दोबारा बड़ा खर्च उठाना पड़ता है. इससे खेती की कुल लागत बढ़ जाती है, जबकि फायदा उतना नहीं मिल पाता.

ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ने का खतरा

बड़े टायर लगाने से ट्रैक्टर का बैलेंस भी बिगड़ सकता है, खासकर तब जब आगे की तरफ जरूरी वजन यानी फ्रंट वेट न लगाया गया हो. ऐसे में भारी औजार या ट्रॉली जोड़ने पर ट्रैक्टर का अगला हिस्सा ऊपर उठने लगता है. यह स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है और हादसे का कारण बन सकती है. चालक की सुरक्षा भी इसमें खतरे में पड़ जाती है.

सही साइज ही है सबसे बेहतर विकल्प

ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनी लंबे शोध और परीक्षण के बाद टायर का साइज तय करती है. वही साइज ट्रैक्टर के इंजन, वजन और काम के अनुसार सबसे उपयुक्त होता है. इसलिए सिर्फ दिखावे या गलत सलाह में आकर बड़े टायर लगवाने से बचना चाहिए. सही साइज के टायर न सिर्फ ट्रैक्टर की उम्र बढ़ाते हैं, बल्कि खेती को सुरक्षित, किफायती और भरोसेमंद भी बनाते हैं.

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