गर्मी में ट्रैक्टर की सेहत बिगाड़ सकती है धूल और ज्यादा लोड, किसान अपनाएं रखरखाव के जरूरी तरीके

किसानों को सलाह दी जाती है कि हर 80 से 100 घंटे के इस्तेमाल के बाद इंजन ऑयल की जांच जरूर करें. अगर तेल का रंग ज्यादा काला या गाढ़ा दिखाई दे तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए. हमेशा कंपनी द्वारा बताए गए सही तेल का ही इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि गलत तेल इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है.

नई दिल्ली | Updated On: 16 May, 2026 | 08:43 AM

Tractor maintenance tips: खेती के काम में ट्रैक्टर आज किसानों का सबसे बड़ा सहारा बन चुका है. खेत की जुताई से लेकर बुवाई, सिंचाई और फसल ढुलाई तक लगभग हर काम में ट्रैक्टर का इस्तेमाल होता है. लेकिन गर्मियों के मौसम में लगातार काम करने की वजह से ट्रैक्टर के इंजन पर काफी दबाव बढ़ जाता है. कई बार किसान जल्दबाजी में छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं और इसका सीधा असर ट्रैक्टर की सेहत पर पड़ता है.

सबसे बड़ी समस्या इंजन के ज्यादा गर्म होने की होती है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो इंजन की ताकत कम होने लगती है, डीजल की खपत बढ़ जाती है और कई बार भारी खर्च भी उठाना पड़ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सावधानी और सही रखरखाव से ट्रैक्टर को लंबे समय तक बेहतर हालत में रखा जा सकता है.

इंजन ऑयल की अनदेखी पड़ सकती है भारी

ट्रैक्टर के इंजन को सही तरीके से चलाने में इंजन ऑयल की सबसे अहम भूमिका होती है. यह इंजन के अंदर मौजूद पुर्जों को चिकनाई देता है और रगड़ कम करता है. अगर तेल कम हो जाए या पुराना हो जाए तो इंजन के हिस्सों में घर्षण बढ़ जाता है, जिससे गर्मी तेजी से बढ़ने लगती है.

किसानों को सलाह दी जाती है कि हर 80 से 100 घंटे के इस्तेमाल के बाद इंजन ऑयल की जांच जरूर करें. अगर तेल का रंग ज्यादा काला या गाढ़ा दिखाई दे तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए. हमेशा कंपनी द्वारा बताए गए सही तेल का ही इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि गलत तेल इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है.

कूलिंग सिस्टम की नियमित जांच जरूरी

गर्मियों में ट्रैक्टर का कूलिंग सिस्टम सही हालत में होना बेहद जरूरी है. रेडिएटर में पानी या कूलेंट कम हो जाए तो इंजन जल्दी गर्म होने लगता है. इसलिए खेत में काम शुरू करने से पहले रेडिएटर की जांच जरूर करनी चाहिए.

विशेषज्ञ साधारण नल के पानी की बजाय साफ और सही मिश्रण वाले कूलेंट के इस्तेमाल की सलाह देते हैं. गर्म मौसम में इसकी जरूरत और ज्यादा बढ़ जाती है. अगर कूलिंग सिस्टम कमजोर पड़ जाए तो इंजन पर अतिरिक्त दबाव बनने लगता है.

धूल-मिट्टी से जल्दी खराब होता है रेडिएटर

खेती के दौरान ट्रैक्टर लगातार धूल और मिट्टी में चलता है. इसका असर रेडिएटर की जाली पर पड़ता है. कई बार मिट्टी जमा होने से हवा का रास्ता बंद हो जाता है और इंजन तेजी से गर्म होने लगता है. ऐसे में हर सप्ताह रेडिएटर की सफाई करना जरूरी माना जाता है. अगर अंदर ज्यादा गंदगी जमा हो जाए तो समय-समय पर उसकी धुलाई भी करवानी चाहिए. ध्यान रखना चाहिए कि गर्म इंजन पर कभी भी रेडिएटर का ढक्कन नहीं खोलना चाहिए, क्योंकि इससे हादसा हो सकता है.

फैन बेल्ट और एयर फिल्टर का रखें ध्यान

ट्रैक्टर का फैन बेल्ट इंजन को ठंडा रखने में मदद करता है. अगर बेल्ट ढीली पड़ जाए या उसमें दरार आ जाए तो कूलिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाता. इसलिए हर महीने इसकी जांच जरूरी है. जरूरत पड़ने पर बेल्ट तुरंत बदलवानी चाहिए.

इसी तरह एयर फिल्टर भी इंजन की सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है. इंजन को सही तरीके से चलने के लिए साफ हवा चाहिए होती है. अगर फिल्टर गंदा हो जाए तो इंजन को पर्याप्त हवा नहीं मिलती और वह ज्यादा गर्म होने लगता है. धूल भरे खेतों में काम करने पर फिल्टर जल्दी खराब होता है, इसलिए हर 50 घंटे बाद इसकी सफाई करनी चाहिए.

जरूरत से ज्यादा भार डालना बन सकता है परेशानी

हर ट्रैक्टर की अपनी एक क्षमता होती है. अगर उससे ज्यादा भार उठाया जाए तो इंजन पर दबाव बढ़ जाता है. लगातार भारी काम करने से इंजन ओवरहीट हो सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि खेत में काम करते समय ट्रैक्टर की क्षमता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. अगर लंबे समय तक भारी काम करना हो तो बीच-बीच में थोड़ी देर का विराम देना चाहिए ताकि इंजन को ठंडा होने का समय मिल सके.

लगातार कई घंटे ट्रैक्टर चलाना सही नहीं

गर्मी के मौसम में लगातार पांच से छह घंटे तक ट्रैक्टर चलाना इंजन के लिए नुकसानदायक हो सकता है. बेहतर होगा कि हर कुछ घंटों बाद करीब 20 से 30 मिनट का आराम दिया जाए. इससे इंजन की गर्मी कम हो जाती है और मशीन लंबे समय तक अच्छी हालत में रहती है.

इसके अलावा सही गियर और क्लच का इस्तेमाल भी बहुत जरूरी है. कई किसान गलत गियर में ट्रैक्टर चलाते हैं या क्लच को लगातार दबाकर रखते हैं, जिससे इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. सही तरीके से ट्रैक्टर चलाने से डीजल की बचत भी होती है.

धूप में खड़ा ट्रैक्टर जल्दी होता है गर्म

ट्रैक्टर को हमेशा छांव में खड़ा करना चाहिए. तेज धूप में लंबे समय तक खड़े रहने से इंजन पहले से ही गर्म हो जाता है. इसके बाद जब ट्रैक्टर चलाया जाता है तो इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है. काम खत्म होने के बाद ट्रैक्टर को तुरंत बंद करने की बजाय कुछ मिनट खाली चलने देना चाहिए ताकि अंदर की गर्मी धीरे-धीरे बाहर निकल सके. यह आदत इंजन की उम्र बढ़ाने में मदद करती है.

समय पर सर्विसिंग से बचेगा बड़ा नुकसान

ट्रैक्टर की नियमित सर्विसिंग उसकी लंबी उम्र की सबसे बड़ी कुंजी मानी जाती है. हर छह महीने में या तय समय पूरा होने पर सर्विस जरूर करवानी चाहिए. अगर इंजन से अजीब आवाज आने लगे, ज्यादा धुआं निकले या तापमान सामान्य से ऊपर जाए तो तुरंत मैकेनिक को दिखाना चाहिए.

छोटी समस्या को नजरअंदाज करना आगे चलकर बड़े खर्च का कारण बन सकता है. गर्मियों में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तब ट्रैक्टर को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है. ऐसे में सुबह या शाम के समय काम करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

सही रखरखाव और थोड़ी सी जागरूकता से किसान अपने ट्रैक्टर को लंबे समय तक मजबूत और सुरक्षित रख सकते हैं. आखिर ट्रैक्टर ही किसान की मेहनत का सबसे बड़ा साथी होता है.

Published: 16 May, 2026 | 09:10 AM

Topics: