केरल पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मॉनसून, तटीय इलाकों में तेज बारिश और 80KM रफ्तार से चल रहीं हवाएं 

Southwest Monsoon Arrives in Kerala: भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आज दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल पहुंच गया है. राज्य के तटीय इलाकों में 100 किलोमीटर से भी ज्यादा की रफ्तार में तूफानी हवाएं चल रही हैं. मछुआरों को समंदर से दूर रहने की सलाह दी गई है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 4 Jun, 2026 | 02:20 PM

Monsoon Rain Started In Kerala: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार गुरुवार को केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आ गया. राज्य के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ तूफानी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समंदर में जाने और से मना किया है और तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है. बता दें कि इस बार मॉनसून की एंट्री 4 दिन देरी से हुई है, क्योंकि हर बार 1 जून के आसपास मॉनसूनी बारिश केरल में शुरू होती हैं.

केरल में मॉनूसन की एंट्री

IMD ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आज 4 जून 2026 को केरल पहुंच गया है. इसके साथ ही मॉनसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के बाकी हिस्सों के साथ पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों की ओर बढ़ गया है. वहीं, मॉनसून पूरे लक्षद्वीप द्वीप समूह, केरल और माहे, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र के बाकी हिस्सों, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है.

गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में बढ़ा मॉनसून

आगामी 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य अरब सागर के कुछ और भागों, संपूर्ण गोवा, महाराष्ट्र एवं आंध्र प्रदेश के कुछ भागों, कर्नाटक के और हिस्सों, तमिलनाडु के शेष भागों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य एवं उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और भागों एवं पूर्वोतर भारत के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.

मछुआरों को समंदर से दूर रहने की सलाह

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आने से तेज हवाएं और तूफान का अलर्ट जारी किया है. राज्य के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ तूफानी बारिश देखी जा रही है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समंदर में जाने और से मना किया है और तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है. बता दें कि इस बार मॉनसून की एंट्री 4 दिन देरी से हुई है, क्योंकि हर बार 1 जून के आसपास मॉनसूनी बारिश केरल में शुरू होती हैं.

4 दिनों की देरी से पहुंचा मॉनसून

इस बार मॉनसून 4 दिनों की देरी से केरल पहुंचा है. आमतौर पर मॉनसून 1 जून के आस-पास केरल में आता है, जो दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के मौसम (जून-सितंबर) की शुरुआत का संकेत होता है. इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि मॉनसून 26 मई को केरल में शुरू होगा, हालांकि, इसके आने में देरी हुई और 4 जून को केरल पहुंचा है.

आईएमडी का कम बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने पिछले हफ्ते मौसमी बारिश के अपने पूर्वानुमान में संशोधन किया, जिसमें संकेत दिया गया कि यह सामान्य से कम होगी. IMD को उम्मीद है कि इस साल भारत में बारिश लंबी अवधि के औसत (LPA) का लगभग 90% होगी. LPA का मतलब किसी खास क्षेत्र में एक निश्चित अवधि, जैसे कि एक महीना या मौसम में दर्ज की गई बारिश का औसत होता है, जिसे आमतौर पर 30 से 50 वर्षों की लंबी अवधि के आधार पर निकाला जाता है.

सितंबर में मजबूत रहेगा अल नीनो

सामान्य से कम बारिश होने का एक कारण अल नीनो की स्थितियों का उभरना हो सकता है, जिसके कारण देश में मॉनसून के दौरान कम बारिश होती है. वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तटस्थ अल नीनो-दक्षिणी दोलन (El Nino-Southern Oscillation) की स्थितियां अल नीनो को मजबूत कर रही हैं. IMD ने कहा कि जून में अल नीनो की स्थितियां कमजोर रहने की संभावना है और सितंबर में यह मजबूत हो सकती हैं.

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Published: 4 Jun, 2026 | 01:14 PM

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